एनआईए ने इस साल 37 मामलों में 168 लोगों को गिरफ्तार किया है।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को कहा कि उसने इस्लामिक स्टेट (आईएस) की विचाराधारा से प्रेरित आतंकवादी हमलों, साजिश एवं वित्तपोषण के 37 मामलों में अबतक 168 लोगों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने कहा कि उनमें 31 मामलों में आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं, उनमें कुछ आरोपपत्र तो जून में ही दाखिल किए गए और 27 आरोपियों को दोषी भी ठहराया जा चुका है।
एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा , ‘‘एनआईए की जांच से खुलासा हुआ है कि आईएस लगातार ऑनलाइन दुष्प्रचार के माध्यम से अपना पैर फैला रहा है। फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों पर भोले-भाले युवकों को फंसाने की कोशिश की जा रही है। ’’ एनआईए ने कहा कि एक बार जब कोई दिलचस्पी लेता है तो उसे छिपे हुए सोशल मीडिया मंचों के मार्फत ऑनलाइन हैंडलरों से संवाद करने का लालच दिया जाता है।
प्रवक्ता ने आगे कहा, ‘‘व्यक्ति के भोलेपन के आधार पर हैंडलर उसका इस्तेमाल ऑनलाइन सामग्री अपलोड करने, आईएस की पाठ्यसामग्री का स्थानीय भाषा में अनुवाद करने, साजिश, मोड्यूल (गिरोह) तैयार करने, हथियार जुटाने, बम बनाने, आतंकी गतिविधियों के वास्ते पैसे जुटाने एवं हमले करने में भी करता है। ’’ एनआईए ने लोगों से इंटरनेट पर ऐसी किसी भी गतिविधि को उसके संज्ञान में लाने की अपील की।
आईएस की विचारधारा का समर्थन करने वाले को गिरफ्तार किया
इससे पहले एनआईए ने गुरुवार को तमिलनाडु में दो स्थानों पर छापे मारे तथा इस्लामिक स्टेट और कट्टरपंथी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर की विचारधारा का समर्थन करने वाले फेसबुक पोस्ट से संबंधित मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
जांच एजेंसी के अधिकारी ने बताया कि तिरुवरूर जिले के बावा बहरुदीन को एनआईए ने गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि यह मामला मदुरै में दर्ज है और यह मोहम्मद इकबाल से संबंधित है, जो अपने फेसबुक अकाउंट का उपयोग एक खास समुदाय को बदनाम करने तथा विभिन्न धर्मों के बीच सांप्रदायिक वैमनस्य को बढ़ावा देने वाले पोस्ट अपलोड करता था। अधिकारी ने बताया कि इकबाल ने हिज्ब-उत-तहरीर के नाम पर बहरुदीन सहित अन्य लोगों के साथ मिलकर इस्लामिक स्टेट को फिर से स्थापित करने और भारत सहित विश्व भर में शरिया कानून लागू करने की साजिश रची।