एनआईए ने तमिलनाडु के मयिलादुथुराई पीएस केस में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोपी देश के एक हिस्से को अलग करने के लिए नफरत और साजिश फैलाने और भारत की संप्रभुता- क्षेत्रीय अखंडता को बाधित करने में शामिल थे।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने तमिलनाडु के मयिलादुथुराई पीएस मामले में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोप है कि ये सभी भारत के एक हिस्से को अलग करने के लिए नफरत और साजिश फैलाने और खिलाफत पार्टी ऑफ इंडिया जैसे संगठन बनाकर भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बाधित करने में शामिल थे।
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एनआईए ने चेन्नई में दायर आरोपपत्र में कहा कि सातिक बाचा, आर आशिक उर्फ मोहम्मद आशिक इलाही, ए मोहम्मद इरफान और रहमतुल्ला उर्फ रहमत देश में नफरत फैलाने और साजिश रचने में शामिल थे। चार आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र एनआईए की विशेष अदालत में लोगों और पुलिस अधिकारियों को धमकाने के मामले में दाखिल किया गया। इसमें 21 फरवरी को वाहनों की जांच के दौरान पुलिसकर्मियों की हत्या के प्रयास से संबंधित मामला भी शामिल है।
सलाया ड्रग्स जब्ती मामले में भी चार्जशीट दायर
वहीं, एक अन्य मामले में एनआईए ने गुजरात के सलाया ड्रग्स जब्ती मामले में चार्जशीट दायर की। 2018 के मामले में नौ नशीली दवाओं के तस्करों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया गया है। बताया जा रहा है कि दुबई में समुद्री मार्ग से पाकिस्तान से गुजरात तक 500 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ (हेरोइन) की तस्करी और वितरण के लिए एक आपराधिक साजिश रची गई थी।