पिछले वर्ष पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद इलाके में हुए विस्फोट से जुड़े एक मामले में सात आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आरोप पत्र दायर किया किया गया है। बुधवार को एक अधिकारी ने मामले की जानकारी दी। अधिकारी के मुताबिक, मंगलवार को एक विशेष अदालत में एनआईए ने आरोप पत्र दायर किया था। जिसमें आरोप लगाया गया कि सात आरोपियों ने रामेश्वरपुर के स्थानीय लोगों के बीच डर फैलाने, बम बनाने और भंडारण करने की आपराधिक साजिश रची थी।
वर्ष 2022 के सितंबर माह में एनआईए ने मामले अपने हाथों में ले लिया था। एनआईए ने गैरकानूनी गतिविधियां(रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि संलिप्त आरोपी बम बना रहे थे, उस वक्त धमाका हो गया। जिसमें आरोपी इयासुद्दीन, सुकचंद घायल हो गया। यह धमाका 17 जनवरी को बेलडांगा के रामेश्वरपुर हाईस्कूल के पीछे एक लीची के बगीचे में हुआ, जब आरोपी आयरन सॉकेट बम तैयार करने की प्रक्रिया में थे।
आरोपी इयाससुद्दीन ने खुलासा किया कि उसे इमदादुल हक और कुछ अन्य लोगों ने बम बनाने के लिए प्रेरित किया था। एनआईए प्रवक्ता ने कहा कि हक ने इस काम के लिए विस्फोटक और अन्य बम बनाने की सामग्री भी मुहैया कराया था।अधिकारी ने कहा कि शुरू में घटना स्थल से कुल 75 जीवित सॉकेट बम और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई थी। इसके बाद दो अन्य आरोपियों मसादुल हक उर्फ मसादुल एसके और हबीबुर रहमान उर्फ हबू के खुलासे के आधार पर पुलिस ने घटनास्थल से 12 लोहे के पाइप भी बरामद किए। अधिकारी ने कहा कि सभी जब्त किए गए बम का निपटान कर दिया गया।