एनआईए ने कर्नाटक पुलिस के साथ छापेमारी कर शुक्रवार को दो आईएसआईएस आतंकियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। दोनों आतंकी जुफरी जौहर दामुदी उर्फ अबु हाजिर अल बद्री और अमीन जुहैब ऑनलाइन माध्यम से कैंपेन चलाकर वर्ग विशेष के युवकों को गुमराह कर रहे थे।
बताया गया है कि अबु हाजिर अल बद्री आईएसआईएस के खुरासान मॉड्यूल में टॉप रैंकिंग रखता था। उसके ऊपर नए रिक्रूट्स को संगठन में शामिल करने की जिम्मेदारी थी। बताया गया है कि अबु अफगानिस्तान में रह रहे आईएसआईएस आतंकियों के सीधे संपर्क में था।
इसके पहले 11 जुलाई को भी एनआईए ने कुछ आतंकियों की गिरफ्तारी की थी। इन्हीं आतंकियों से हुई पूछताछ के बाद अबु हाजिर अल बद्री के ठिकाने के बारे में जानकारी मिली थी। उसका भाई असनान हसन दामुदी 2017 में आईएसआईएस से संपर्क रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
वायस ऑफ हिंद मैगजीन चलाता था
एनआईए के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अबु हाजिर अल बद्री अप्रैल 2020 से ही एनआईए के रडार पर चल रहा था। तब एजेंसी को जानकारी मिली थी कि यह आईएसआईएस के एजेंडे को फैलाने के लिए वायस ऑफ हिंद नाम से एक ऑनलाइन मैग्जीन चलाता था। इस मैग्जीन के हर अंक का एजेंडा अबु हाजिर ही तय किया करता था।
रहता था बंगलूरू में, दावा करता था अफगानिस्तान में होने का
अबु हाजिर अल बद्री ऑनलाइन मैग्जीन में खुद के अफगानिस्तान में होने की जानकारी दिया करता था, लेकिन एनआईए को जानकारी मिली थी कि ऐसा वह सुरक्षा एजेंसियों को धोखा देने के लिए कर रहा था, जबकि वह अपने ऑपरेशन कर्नाटक के बंगलूरू और कुछ अन्य जगहों पर रहकर अंजाम दे रहा था।
जानकारी के मुताबिक अबु हाजिर अल बद्री अन्य युवाओं को आईएसआईएस में शामिल करने के साथ-साथ उन्हें विस्फोटक और हथियार उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का काम किया करता था। कुछ मामलों में एनआईए को उसका नाम होने की जानकारी मिली थी, इसके बाद वह सुरक्षा एजेंसी के रडार पर आया था।
यह जिम्मा सौंपा गया था
सुरक्षा एजेंसी को आशंका है कि अबु हाजिर अल बद्री को देश की सुरक्षा में लगे शीर्ष अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और पत्रकारों को निशाना बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
शशि कुमार हत्याकांड में आरोप पत्र दाखिल
वहीं, जांच एजेंसी ने तमिलनाडु में 2016 के हिंदू मुन्नानी के शशि कुमार हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता मोहम्मद रफीकुल हसन के खिलाफ चेन्नई के पूनमल्ली में एनआईए अदालत के सामने आरोपपत्र दाखिल किया। एजेंसी पूर्व में इस मामले में चार आरोपियों के खिलाफ दो आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।