राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) दाऊद के गुर्गे, जाहिद मियां उर्फ जाओ को पकड़ने के लिए दक्षिण अफ्रीकी सरकार के लगातार संपर्क में है। जाहिद मियां पर भाजपा, संघ, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को मारने की साजिश रचने का आरोप है।
सुत्रों के अनुसार एनआईए ने दक्षिण अफ्रीकी सरकार से जाहिद के प्रत्यर्पण को आग्रह भी किया है। एनआईए ने दक्षिण अफ्रीका में जाहिद के ठिकाने के बारे में पहले ही वहां के अधिकारियों को बता दिया है तथा उसे गिरफ्तार करने को कहा है।
जाहिद काफी सालों से दक्षिण अफ्रीका में बैठे-बैठै दाऊद के कारनामों को अंजाम दे रहा था। उसने वहां की नागरिकता भी हासिल कर रखी है। ऐसे में भारत सरकार के पास प्रत्यर्पण ही अंतिम रास्ता बचता है।
एनआईए ने बताया कि जाहिद ने एक पाकिस्तानी नागरिक जावेद चिकना के साथ मिलकर उन हिंदू नेताओं को मारने की साजिश रची थी, जो इनके मुताबिक गुजरात में हुए 2002 के दंगों में सक्रिय थे या हमेशा मुसलमानों के खिलाफ बोलते रहते थे। इस काम को अंजाम देने के लिए इन लोगों ने कुछ नवयुवकों को पैसे और दक्षिण अफ्रीका में नौकरी दिलाने का लालच देकर तैयार किया था। इसके अलावा जाहिद हवाला के पैसों के प्रबंधन का भी काम देखता था।
2 नवम्बर को भरूच के पूर्व भाजपा अध्यक्ष शिरिष बंगाली और भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के सदस्य प्रगनेश मिस्त्री की हुई हत्या इसी साजिश का हिस्सा थी। एनआईए को विश्वास है कि जाहिद के प्रत्यर्पण से उसे दाऊद के दक्षिण अफ्रीका में मौजूद अन्य ठिकानों का पता लगाने में सफलता मिलेगी।