राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह हस्तिनापुर वन्यजीव अभयारण्य की सीमा छह माह में तय करने के लिए नोटिफिकेशन जारी करे। एनजीटी के अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की पीठ ने सुनवाई के दौरान यह पाया कि यूपी सरकार की ओर से इस मामले में पेश स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक जो भी कदम उठाए गए या प्रस्ताव लाए गए, वे सभी राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड के समक्ष विचाराधीन हैं।
एनजीटी पीठ ने कहा, राज्य सरकार के वकील को यह निर्देश दिया जाता है कि कोरोना महामारी और युक्तिसंगत समिति के चलते हुई देरी के बाद अपने काम को तीन महीने में पूरा करें और उसके बाद अगले तीन महीने में राज्य सरकार अंतिम नोटिफिकेशन जारी करे।
जस्टिस गोयल ने मेरठ के आयुक्त को युक्तिसंगत प्रक्रिया को तीन महीने में पूरा करने को कहा है और इस बारे में राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इसके बाद यूपी के अपर मुख्य सचिव, वन एवं पर्यावरण को अगली कार्रवाई तीन महीने में सुनिश्चित करनी होगी।
आदेश पर अमल नहीं हुआ तो उठाए जा सकते हैं कडे़ कदम
एनजीटी ने यह साफ किया है कि हमारे आदेश को अमल में लाने में विफल रहने पर छह माह बाद किसी भी पक्ष को ट्रिब्युनल के पास जाने का अधिकार होगा, जहां लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कडे़ कदम उठाए जाने की मांग की जा सकती है।