राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सीवेज के उत्पादन और इसके शोधन के बीच अंतर को कम करने का निर्देश दिया है।
एनजीटी ने इफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी), सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और कॉमन एंड कम्बाइंड इफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) की अपेक्षित संख्या सुनिश्चित करने को कहा है ताकि नालों से निकलने वाली गंदगी को नदियों में गिरने से रोका जा सके।
एनजीटी अध्यक्ष आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने पाया कि एसटीपी स्थापित करने की सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई समयसीमा कब की बीत चुकी है। शीर्ष अदालत ने 31 मार्च, 2018 तक एसटीपी स्थापित करने का आदेश दिया था।