उत्तर भारत से अगले दो दिन में दक्षिणपश्चिम मानसून वापस होने लगेगा। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने रविवार को यह जानकारी दी। हालांकि आंकड़ों से पता चलता है कि मानसून सत्र के सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। देश में 26 सितंबर तक सामान्य से 9 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई।
देश में 26 सितंबर तक सामान्य से 9 फीसदी अधिक बारिश दर्ज हुई
मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी राजस्थान और इससे लगते इलाकों में 28 सितंबर से मानसून की वापसी के लिहाज सभी परिस्थितियां बन रही हैं। निजी मौसम विभाग स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पालवट ने कहा कि बारिश होना काफी हो चुकी है। पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी सोमवार से शुरू होने की संभावना है। ऐसा लगता है कि इस बार मानसून सामान्य से अधिक रहेगा। बारिश के 96 से 104 फीसदी दीर्घावधि औसत (एलपीए) में रहने को सामान्य माना जाता है जबकि 104 से 110 फीसदी एलपीए को अधिक कहा जाता है।
आंकड़ों के अनुसार, नौ राज्यों में अधिक बारिश हुई जबकि 20 राज्यों में सामान्य मानसून रहा। देश में आधिकारिक तौर पर मानसून सत्र एक जून से 30 सितंबर तक रहता है। आम तौर पर केरल में एक जून को मानसून अपनी दस्तक देता है। जून महीने में 17 फीसदी अधिक तो जुलाई में 10 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। हालांकि अगस्त महीने में सामान्य से 27 फीसदी अधिक बारिश हुई।
उत्तर भारत में दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर में कम बारिश हुई। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में इस साल सबसे कम बारिश रिकॉर्ड हुई। वहीं गुजरात, गोवा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक समेत पश्चिम और दक्षिण भारत के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई। सिक्किम एकमात्र ऐसा राज्य है जहां इस बार सबसे अधिक बारिश हुई।