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Updates: असम मॉब लिंचिंग केस में अदालत ने 20 लोगों को दिया दोषी करार, पूर्व MP गोपालराव पाटिल का निधन

Tue, 21 Apr 2026 03:26 PM IST
Nitin Gautam अमर उजाला, नई दिल्ली
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न्यूज अपडेट - फोटो : Amar Ujala
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 नौगांव की एक अदालत ने आठ साल पहले भीड़ द्वारा दो व्यक्तियों को बच्चा चोर होने के संदेह में पीटकर मार डालने के मामले में 20 लोगों को सोमवार को दोषी ठहराया और मामले में आरोपी 25 अन्य को बरी कर दिया। नौगांव जिला सत्र न्यायाधीश डी. जे. महंत ने इस मामले में 45 आरोपियों में से 20 को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया। इनमें गैरकानूनी सभा के एक या अधिक सदस्यों द्वारा की गई हत्या, दंगा, लोक सेवक को उनके आधिकारिक कर्तव्य का पालन करने से रोकना और स्वेच्छा से चोट पहुंचाना शामिल है। अदालत ने यह भी फैसला सुनाया कि अभियोजन पक्ष इस मामले में गिरफ्तार किए गए 25 अन्य लोगों के खिलाफ अपना मामला साबित करने में विफल रहा है, जो वर्तमान में जेल में बंद हैं। आरोपियों की सजा का एलान 24 अप्रैल को होगा।

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क्या है मामला? 
निलोत्पल दास (29) और अभिजीत नाथ (30) नाम के दो व्यक्ति 8 जून, 2018 को कार्बी आंगलोंग के डोकमोका पुलिस थानाक्षेत्र अंतर्गत कांगथिलांगसो पिकनिक स्थल गए थे। वापसी में, गुस्साये ग्रामीणों के एक समूह ने पंजुरी में उनके वाहन को रोक लिया, उन्हें बाहर खींचा और उनकी पिटाई शुरू कर दी। पुलिस दोनों को अस्पताल ले गई, लेकिन रास्ते में ही दोनों की मौत हो गई।

पूर्व राज्यसभा सांसद गोपालराव पाटिल का निधन
महाराष्ट्र के लातूर शहर में मंगलवार सुबह पूर्व राज्यसभा सांसद और प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गोपालराव पाटिल का निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। परिवार के अनुसार उन्होंने सुबह 7:12 बजे एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे 94 वर्ष के थे। डॉ. पाटिल का जन्म 3 अक्तूबर 1931 को धाराशिव जिले के कावठा गांव में हुआ था। उन्होंने हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई की थी और बाद में लातूर के एक प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ के रूप में अपनी पहचान बनाई।

  • केंद्र सरकार ने मनरेगा मजदूरों के लिए जारी की 17,744 करोड़ रुपये की पहली किस्त
केंद्र सरकार ने मनरेगा मजदूरों के लिए 17,744 करोड़ रुपये की किस्त जारी कर दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की यह पहली अदायगी है। इस राशि से अब विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मजदूरों को समय पर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में अब तक काम की मांग में कोई असामान्य वृद्धि नहीं देखी गई है। हालांकि, सामान्य रूप से इस अवधि में विभिन्न राज्यों में रोजगार की मांग अधिक रहती है। 

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रस्तावित वीबी-जी रामजी कानून के लागू होने तक मनरेगा पूरी तरह प्रभावी रहेगा। ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने में कोई बाधा नहीं आएगी। मनरेगा के तहत मांग पर रोजगार देने, समय पर मजदूरी भुगतान सहित सभी कानूनी अधिकार पहले की तरह जारी रहेंगे। सरकार ने यह कदम ग्रामीण अंचलों में रहने वाले लोगों को पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित होने से बचाने के लिए उठाया है। ताकि कामगारों को सुरक्षा मिले और आय का साधन चलता रहे। मंत्रालय ने कहा कि मजदूरी भुगतान समय पर हो, इसके लिए लगभग 17,744 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की जा रही है। नया कानून लागू होने पर 125 दिनों के रोजगार की बेहतर गारंटी दिए जाने का प्रस्ताव है। संशोधित मजदूरी दरें अलग से घोषित की जाएंगी। 
  • ग्रामीण आवास योजना पर विशेष जोर
मंत्रालय के मुताबिक, ग्रामीण आवास योजना पर केंद्र का विशेष जोर है। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी के लिए आवास लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत मार्च 2029 तक 4.95 करोड़ घरों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण सामग्री की आपूर्ति या कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना को देखते हुए समय पर डीबीटी भुगतान, आवास से निगरानी, जियो-टैगिंग और अधूरे घरों को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
 
  • ईडी के समन के बाद कोलकाता पुलिस के डीसीपी शांतनु लापता, संदेह गहराया
कोलकाता पुलिस के उपायुक्त (डीसीपी) शांतनु सिन्हा बिस्वास को लेकर संदेह गहराता जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन के बावजूद वह सोमवार को सॉल्टलेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में पेश नहीं हुए। रविवार तड़के से उनके बालीगंज के आवास पर करीब 20 घंटे चले छापों के बाद से ही शांतनु का पता नहीं चला है।

सोमवार को ईडी ने शांतनु और उनके दो बेटों- सायंतन और मनीष को पूछताछ के लिए तलब किया था, पर दोपहर तक तीनों में से कोई भी नहीं पहुंचा। इस दौरान छापों को लेकर परस्पर विरोधी दावे भी सामने आए। शांतनु के बेटे सायंतन ने कहा था कि छापों के वक्त उनके पिता घर पर ही थे। वहीं, ईडी सूत्रों का दावा है कि शांतनु वहां नहीं थे। फिलहाल उनका मोबाइल बंद है और लोकेशन को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। इस मामले के तार सोना पप्पू और बेहाला के गिरफ्तार कारोबारी जॉय कामदार के वित्तीय लेनदेन से जुड़े हैं। एजेंसी को संदेह है कि शांतनु या उनके बेटों का इन लोगों से आर्थिक संबंध हो सकता है। शांतनु के दोनों बेटे शिक्षा संस्थानों से जुड़े कारोबार में सक्रिय हैं और उनकी कामदार से जान-पहचान बताई जा रही है। ईडी के समन की अनदेखी और अचानक संपर्क से बाहर होने के कारण यह मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। 


 

हथियारों के संयुक्त उत्पादन को गति देने ब्रिटेन पहुंचे सीडीएस चौहान
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान भारत व ब्रिटेन के बीच सैन्य प्रशिक्षण, संचालन तथा रक्षा उद्योग साझेदारी से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के लिए लंदन दौरे पर हैं। वह दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए ब्रिटेन के वरिष्ठ सैन्य व सरकारी नेतृत्व से भी बातचीत करेंगे। जनरल चौहान तीन दिवसीय यात्रा पर रविवार को लंदन पहुंचे थे। सीडीएस के ब्रिटिश समकक्ष एयर चीफ मार्शल रिचर्ड नाइटन उनकी मेजबानी कर रहे हैं। 

भारत में ब्रिटेन की उच्चायुक्त लिंडी कैमरन ने कहा कि यह यात्रा भारत-ब्रिटेन रक्षा साझेदारी में बढ़ते विश्वास और महत्वाकांक्षा को दर्शाती है। यात्रा के दौरान ब्रिटिश रक्षा उद्योग के प्रतिनिधि दोनों देशों के बीच रक्षा सामग्रियों के संयुक्त उत्पादन को गति देने के उद्देश्य से जनरल चौहान से मिलेंगे।

विजन 2035 के तहत तय किया गया है 10 वर्षीय रक्षा औद्योगिक रोडमैप: 
ब्रिटिश उच्चायोग के रक्षा सलाहकार क्रिस सॉन्डर्स ने कहा कि यह यात्रा रक्षा के सभी क्षेत्रों में हुई प्रगति को दर्शाती है। भारत और ब्रिटेन ने विजन 2035 के तहत 10 वर्षीय रक्षा औद्योगिक रोडमैप भी शुरू किया है जिसके जरिये रक्षा संबंधों को मजबूत करने और विकास को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।

तेलंगाना के वारंगल में चार गिरफ्तार, 2.5 करोड़ रुपये का 20 किलो हैश ऑयल जब्त

तेलंगाना में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय ड्रग गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से करीब 20 किलो हश ऑयल बरामद किया गया, जिसकी कीमत लगभग 2.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई मिली सूचना के आधार पर की गई। आरोपी ओडिशा और आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें वारंगल बस स्टैंड के पास रेलवे गुड्स शेड इलाके में संदिग्ध हालत में पकड़ा गया, जहां वे मुंबई जाने की तैयारी में थे और ड्रग्स की तस्करी करने की कोशिश कर रहे थे।

जांच में सामने आया कि यह गिरोह गांजे से हश ऑयल तैयार कर अलग-अलग शहरों में सप्लाई करता था। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी अपने गांव में गांजे की खेती करता था और वहीं से ड्रग्स बनाकर गिरोह के साथ मिलकर बेचता था। पुलिस ने यह भी बताया कि हाल ही में गिरोह ने करीब 40 किलो हश ऑयल तैयार किया था, जिसमें से 20 किलो एक फरार आरोपी अपने साथ ले गया था। बाकी 20 किलो बरामद कर लिया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और फरार आरोपी की तलाश में जुटी है, ताकि इस अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी रैकेट को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

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सट्टेबाजी वाली टिप्पणी पर गृह मंत्री जी. परमेश्वर के खिलाफ एफआईआर के आदेश

बंगलूरू की एक अदालत ने कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश हाल ही में एक कबड्डी मैच के दौरान उनके द्वारा सट्टेबाजी को लेकर की गई एक कथित टिप्पणी के बाद आया है। अदालत ने पुलिस को इस मामले में तत्काल जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

पूरा मामला तुमकुरु में आयोजित एक राज्य स्तरीय कबड्डी टूर्नामेंट से जुड़ा है। फाइनल मैच के बाद पुरस्कार वितरण के दौरान परमेश्वर ने मजाक में कहा था कि मैं 500 रुपये हार गया, क्योंकि मैंने डिप्टी कमिश्नर के साथ शर्त लगाई थी कि विजयपुरा की टीम जीतेगी। हालांकि यह बयान हंसी-मजाक में दिया गया था, लेकिन इसकी काफी आलोचना हुई।
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