गरीब और अमीर के बीच के 20 फीसदी लोगों की संपत्ति में 61 प्रतिशॉत की वृद्धि हुई है। इसकी तुलना में गरीबों की संपत्ति का ग्राफ केवल 20 प्रतिशत ही रहा।
पिछले दो दशकों के दौरान अमीरों की संपत्ति चार गुना ज्यादा तेजी से बढ़ रही है, जबकि गरीबों के पास घट रही है। शोधकर्ताओं ने इन हालातों को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया है। ऑस्ट्रेलियन काउंसिल ऑफ सोशल सर्विस (एसीओएसएस) और न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी (यूएनएसडब्ल्यू) के संयुक्त अध्ययन में इसका खुलासा हुआ है। शोध में सामने आया कि भारत में अरबपतियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। 2020 में जहां 102 अरबपति थे, वहीं 2022 में बढ़कर 166 हो गए।
20 फीसदी लोगों की संपत्ति में 61% की वृद्धि
गरीब और अमीर के बीच के 20 फीसदी लोगों की संपत्ति में 61 प्रतिशॉत की वृद्धि हुई है। इसकी तुलना में गरीबों की संपत्ति का ग्राफ केवल 20 प्रतिशत ही रहा।
भारत में बढ़ रही असमानता
10 फीसदी लोगों के पास है 77 प्रतिशत संपत्ति
ऑक्सफैम के मुताबिक भारत के सबसे धनी 10 फीसदी लोगों के पास 77 प्रतिशत संपत्ति है। 2017 में देश में जितनी संपत्ति हुई, उसका 73 फीसदी सिर्फ एक फीसदी लोगों को मिला, जबकि निचले तबके के 67 करोड़ लोगों की संपत्ति में सिर्फ एक फीसदी की वृद्धि हुई। 2021 में देश की 40.5 प्रतिशत संपत्ति सिर्फ एक फीसदी लोगों के पास थी। 2021-22 में जब महामारी के दौरान लागू विशेष उपाय हटा दिए गए तो गरीबों की आय फिर से घट गई। सबसे गरीब 20 फीसदी की आय 3.5 फीसदी घटी, जबकि सबसे अमीर 20 फीसदी लोगों की आय में सिर्फ 0.1 फीसदी की गिरावट आई।