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Bengal: केंद्र ने बंगाल में रोकी फंड की बर्बादी, पीएम आवास के तहत 17 लाख अयोग्यों को लाभार्थी सूची से हटाया

Wed, 04 Oct 2023 05:44 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय टीम ने जनवरी 2019 व 2021 में बंगाल के कई जिलों में दर्जनों जगहों का दौरा किया और करीब पांच करोड़ रुपये की रिकवरी के आदेश जारी किए। असल में पूर्व बर्धमान व हुगली, मालदा और दार्जिलिंग जिलो में ऐसे कार्यों पर मनरेगा के तहत खर्च किया गया, जिसकी अनुमति ही नहीं है।
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पीएम आवास योजना। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में सरकारी धन की बड़ी बर्बादी को रोककर करीब 20,400 करोड़ रुपये बचाए हैं। केंद्र से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, बंगाल में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के लाभार्थियों की सूची में 17 लाख से ज्यादा अयोग्य लोगों को शामिल किया गया था, जिन्हें केंद्र ने हटाया।

सूत्रों के मुताबिक, एक जनवरी 2018 से सात मार्च 2019 के दौरान बंगाल से राज्य पदाधिकारियों के विस्तृत सर्वेक्षण के बाद आवास पोर्टल पर 56.86 लाख परिवारों का विवरण डाला गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व आम लोगों से मिली शिकायतों के बाद केंद्रीय आवास सर्वेक्षण में सामने आया कि बंगाल सरकार की तरफ से 17.03 लाख ऐसे परिवारों के नाम लाभार्थियों की सूची में जोड़े गए हैं, जो योजना का लाभ लेने के लिए पात्र नहीं हैं।

मनरेगा में करोड़ों की अनियमितता

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केंद्रीय टीम ने जनवरी 2019 व 2021 में बंगाल के कई जिलों में दर्जनों जगहों का दौरा किया और करीब पांच करोड़ रुपये की रिकवरी के आदेश जारी किए। असल में पूर्व बर्धमान व हुगली, मालदा और दार्जिलिंग जिलो में ऐसे कार्यों पर मनरेगा के तहत खर्च किया गया, जिसकी अनुमति ही नहीं है। मसलन, पहले से निर्मित सड़क और एक तालाब को नया बताकर पैसा मांगा गया। निजी जमीनों पर तारबंदी जैसे काम भी मनरेगा के तहत किए गए। बाढ़ सुरक्षा के नाम पर नालों से गाद निकालने और नदी तटबंध कार्यों में बिना किसी नतीजे के धन खर्च किया गया है। कई जिलों में चाय बागानों में सरकारी धन से बुनियादी ढांचा बनाया गया।

राज्य सरकार ने नहीं की कार्रवाई
केंद्र सरकार की तरफ से बार-बार अनुरोध किए जाने के बाद भी जब राज्य सरकार ने सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की, तो मनरेगा की धारा 27 के तहत केंद्र ने बंगाल को धन देना बंद कर दिया। इसके अलावा राज्य सरकार ने उन लोगों से धन की रिकवरी भी नहीं की, जिन्होंने गलत तरीकों से सरकारी धन का इस्तेमाल किया।

सीबीआई जांच कराए केंद्र : सुवेंदु अधिकारी

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बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार को पश्चिम बंगाल में हुए पीएम आवास योजना, मनरेगा और फर्जी जॉब कार्ड के घोटालों की सीबीआई जांच करानी चाहिए। अधिकारी ने कहा कि इस संबंध में वे जल्द ही केंद्रीय मंत्री से मिलेंगे और अनुरोध करेंगे कि जिन्होंने लोगों का धन लूटा है, उन्हें कड़ी सजा मिले।

जल-जीवन मिशन का क्रियान्वयन धीमा
केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि बंगाल को जल-जीवन मिशन के तहत 19,595 करोड़ आवंटित हुए, लेकिन राज्य में योजना का क्रियान्वयन बहुत धीमी गति से हो रहा है और अब तक 7,248 करोड़ का इस्तेमाल ही कर पाया है। योजना का राष्ट्रीय स्तर पर औसत जहां 68 फीसदी है, वहीं राज्य में अभी 38.32 फीसदी काम ही हुआ है। इस साल भी कुल लक्ष्य का मात्र 10.57 फीसदी काम ही हुआ है।

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