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देश की तीनों सेनाओं में सेवानिवृत्ति और पेंशन को लेकर हो सकते हैं बड़े बदलाव, चर्चा जारी

Wed, 04 Nov 2020 09:07 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारतीय सेना (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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भारत सरकार देश की तीनों सेनाओं के अधिकारियों से संबंधित दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार कर रही है। इन प्रस्तावों में पहला यह है कि समय से पहले सेवानिवृत्ति लेने वाले सेना के अधिकारियों की पेंशन में कटौती की जाए। वहीं, दूसरा प्रस्ताव यह है कि अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की आयु में बढ़ोतरी की जाए। 

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तीनों सेनाओं के मानव संसाधन (एचआर) से संबंधित मामलों को देखने वाले डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स (डीएमए) ने 29 अक्तूबर को एक पत्र जारी किया था। इसमें पेंशन और सेवानिवृत्ति के नियमों में बदलाव के प्रस्ताव का ड्राफ्ट 10 नवंबर कर डीएमए महासचिव जनरल बिपिन रावत के पास भेजने को कहा गया था। 


सेवानिवृत्ति को लेकर प्रस्ताव में कहा गया है कि थल सेना में कर्नल, ब्रिगेडियर और मेजर जनरल रैंक के अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ा कर क्रमश: 57, 58 और 59 साल की जाए। नौसेना और वायुसेना में भी ये फॉर्मूला लागू किया जाए। अभी इन रैंक के अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु क्रमश: 54, 56 और 58 साल है। 
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पेंशन के प्रस्ताव में कहा गया है कि इसका निर्धारण सेवा के वर्षों के हिसाब से किया जाए। 20 से 25 साल तक सेवा देने वाले अधिकारियों को आधी पेंशन दी जाए। 26 से 30 साल तक 60 फीसदी और 30 से 35 साल तक सेवा देने वालों को 75 फीसदी पेंशन दी जाए। पूरी पेंशन उन्हें दी जाए जिनका सेवाकाल 35 साल से अधिक हो। 

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