अक्टूबर माह में जीएसटी के तहत टैक्स वसूली कोरोना काल के बाद पहली बार एक लाख करोड़ रूपये से ज्यादा रही है। त्योहारी सीजन में वाहनों, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बिक्री में रिकॉर्ड तेजी, बिजली-पेट्रोल-डीजल की खपत का पूर्व के स्तरों पर पहुंचना भी अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेत दे रहे हैं। लेकिन बाजार के जानकारों का कहना है कि यह तेजी कॉर्पोरेट कारोबार में दिखाई पड़ रही है जबकि जमीनी स्तर पर एमएसएमई सेक्टर, टूरिज्म, होटल उद्योग जैसे क्षेत्र अभी भी मंदी की चपेट में हैं। यही वजह है कि बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को अभी भी कोई सफलता नहीं मिल पा रही है क्योंकि यही क्षेत्र रोजगार उपलब्ध कराने में सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
टूरिज्म और निर्माण क्षेत्र ठप
टूरिज्म, होटल व्यवसाय और निर्माण सेक्टर बाजार में सबसे ज्यादा रोजगार पैदा करते हैैं, लेकिन कोरोना की एक और तेज लहर आने की आशंका में लोग अभी भी घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। कोरोना काल में आर्थिक गतिविधियां ठप होने से लोगों के पास पैसा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में लोग बाहर निकलने से भी बच रहे हैं। होटल-टूरिज्म, निर्माण गतिविधियों के ठप होने से पर्याप्त मात्रा में रोजगार उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
खानपान से जुड़े क्षेत्रों में तेजी
भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव वीके बंसल ने बताया कि बाजार में तेजी केवल उन्हीं सेक्टर में दिखाई पड़ रही है, जो भोजन जैसी आवश्यक सेवाओं से जुड़े हैं। इसमें एफएमसीजी प्रॉडक्ट्स भी आते हैं। लेकिन बाजार में सोने-चांदी, गृहनिर्माण सामग्री और ट्रांसपोर्ट बाजार में अभी भी मंदी चल रही है। यही कारण है कि ये सेक्टर अभी भी कड़ा संघर्ष कर रहे हैं। कपड़े, बैग, जूते, बेल्ट, शीशे, कंघे और सजावटी सामानों को बनाने वाले छोटे-छोटे व्यापारियों के कामकाज में अभी भी तेजी नहीं आई है।
इलेक्ट्रॉनिक की बिक्री में सुधार
इलेक्ट्रॉनिक सामानों की बिक्री के लिए दिल्ली में मशहूर भागीरथ पैलेस मार्केट के व्यापारी नवीन चंद जैन ने कहा कि दिवाली करीब आने से बाजार में बिक्री में तेजी आई है, लेकिन अभी भी यह पहले के स्तर पर नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक सामानों की बिक्री में सुधार हुआ है, अन्य सामानों की बिक्री में भी तेजी दर्ज की जा रही है। लेकिन निचले स्तर से मांग में कमी के कारण व्यापारी अभी काफी कम माल ले जा रहे हैं।