शशिकांत दास, आर्थिक मामलों के सचिव
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500 रुपये का नया नोट भी किया था जारी
जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा की थी उसके बाद तत्कालीन आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल के साथ शक्तिकांत दास ने ही 500 रुपए का नया नोट जारी किया था। उस दौरान शक्तिकांत आर्थिक मामलों के सचिव थे। 500 और 2000 के नए नोट 10 नवंबर 2016 को बाजार में आए थे।
14 दिसंबर को है आरबीआई बोर्ड की बैठक
आरबीआई बोर्ड की अगली बैठक 14 दिसंबर को होनी तय है। आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने साफ कर दिया है कि बोर्ड की बैठक पूर्व निर्धारित समय 14 दिसंबर को होगी। उर्जित पटेल के इस्तीफे के बाद इस बैठक को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं।
क्या होगी उनके सामने चुनौती
नये गवर्नर के सामने आर्थिक संकट से जुड़ी कई समस्याएं मुंह बाए खड़ी हैं। इसमें एनबीएफसी में लिक्विडिटी संकट के तत्काल समाधान चुनौती अहम है। सरकार चाहती है कि इन्हें नकदी उपलब्ध कराने के लिए आरबीआई अलग व्यवस्था करे। अब तक आरबीआई का कहना था कि वह इकोनॉमी की जरूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्त लिक्विडिटी उपलब्ध करा रहा है।
उर्जित पटेल के साथ जो विवाद उभरे उससे निपटना दास के लिए बड़ी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। बता दें कि रिजर्व बैंक ने एनपीए के नियमों में संशोधन करते हुए 12 फरवरी को जो आदेश जारी किया था, सरकार उसमें भी संशोधन और बदलाव चाहती है।
आरबीआई ने 11 सरकारी बैंकों को तत्काल सुधार (पीसीए) की श्रेणी में रखा है। सरकार इसमें भी ढील चाहती है ताकि कम से कम 4-5 बैंक इसके दायरे से बाहर आएं और नए कर्ज दें। बता दें कि सरकार की इन्हीं मांगों को उर्जित पटेल ने मानने से इनकार कर दिया था जिसके बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। अब यह देखना अहम होगा कि दास इन मुद्दों को कैसे डील करते हैं। देसी-विदेशी निवेशक इन मुद्दों पर नए गवर्नर के रुख पर नजदीकी नजर रखेंगे।
यही नहीं शक्तिकांत ऐसे समय में गवर्नर बनाए गए हैं जब सरकार और रिजर्व बैंक के बीच कई मुद्दों पर टकराव की स्थिति बनी हुई है। इसमें सबसे बड़ा मुद्दा रिजर्व बैंक की बैलेंस शीट का है। आरबीआई के रिजर्व में 9.6 लाख करोड़ रुपए हैं। सरकार इसमें से करीब 3.5 लाख करोड़ लेना चाहती है। 19 नवंबर को आरबीआई बोर्ड की पिछली बैठक में इस मुद्दे पर नई समिति बनाने का फैसला हुआ था।