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Parliament: 18वीं लोकसभा में नए रूप में दिखेगी संसद, ऐसे होगा सांसदों का स्वागत; जानें किन बदलाव की तैयारी

Mon, 18 Mar 2024 09:48 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Parliament: 18वीं लोकसभा का जब पहला सत्र शुरू होगा तो संसद परिसर एक नए रूप में दिखेगा। दरअसल, अलग-अलग इमारतों वाले पूरे परिसर को एकीकृत करने का काम चल रहा है।
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नया संसद भवन। - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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आगामी आम चुनाव के बाद जब 18वीं लोकसभा का पहला सत्र शुरू होगा तो संसद परिसर एक नए रूप में दिखेगा। दरअसल, अलग-अलग इमारतों वाले पूरे परिसर को एकीकृत करने का काम चल रहा है। संसद सूत्रों ने बताया कि बाहरी क्षेत्रों के पुनर्विकास के तहत महात्मा गांधी, छत्रपति शिवाजी और महात्मा ज्योतिबा फुले सहित राष्ट्रीय महापुरुषों की प्रतिमाओं को पुराने संसद भवन के गेट नंबर पांच के निकट एक लॉन में ले जाया जाएगा। जिसे संविधान नाम दिया गया है।

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यह गज द्वार के सामने एक विशाल लॉन के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगा। जिसका इस्तेमाल राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री द्वारा नए संसद भवन में प्रवेश करने के लिए करते हैं। लॉन का इस्तेमाल आधिकारिक समारोहों के लिए भी किया जा सकता है, जैसे कि आमतौर पर बजट सत्र के दौरान संसद की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति का संबोधन। एक सूत्र ने कहा, लक्ष्य नई लोकसभा की बैठक से पहले पुनर्निर्मित संसद परिसर को तैयार करना है। 

संसद परिसर में चार इमारतें संसद भवन, संविधान सदन, संसद पुस्तकालय और संसदीय उपभवन शामिल हैं। जिनमें से प्रत्येक ढांचे का अपना अलग परिवेश और सुरक्षा व्यवस्था है। सूत्र ने कहा कि पूरे परिसर को एक इकाई मानकर चल रहे सुधार प्रयासों की योजना बनाई जा रही है, जिससे वाहनों और लोगों की निर्बाध आवाजाही हो सकेगी। 

उन्होंने कहा, परिसर के भीतर वाहनों की आवाजाही से मुश्किल होती है, खासकर संसद सत्र के दौरान। जिससे परिसर के भीतर जाम लग जाता है। संसद पुस्तकालय की इमारत और उपभवन (एनेक्सी) को एक सड़क से अलग किया गया है। जिसमें एक स्वागत कार्यालय और बैरक हैं। एक परिसर की दीवार के साथ आवास सुरक्षा कार्यालय है। 

बाबाासाहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा संसद परिसर के भीतर स्थित है। हजारों आगंतुक उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए परिसर में आते हैं। संसद के एक सूत्र ने बताया कि संसद परिसर के बाहर रेड क्रॉस रोड भी परिसर का एक हिस्सा बन जाएगा। दरअसल, उस जगह पर लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों के लिए एक कार्यालय बनाने की योजना है, जहां पर अभी अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस सोसायटी है। 
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बैरकों की कतार को खाली कराया जा रहा है। संसद भवनों को उपभवन से अलग करने वाले परिसर की दीवार को भी ध्वस्त करने की योजना बनाई जा रही है। इन कार्यालयों को नए संसद भवन के नॉर्थ यूटिलिटी ब्लॉक में स्थानांतरित कर दिया गया है। 
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