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Health: 2010 से 44 फीसदी कम हुए नए एचआईवी केस के मामले, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने दी जानकारी

Wed, 25 Sep 2024 04:28 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

Health: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत 2030 तक सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा बन चुके एचआईवी/एड्स को समाप्त करने के संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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2010 से 44 फीसदी कम हुए नए एचआईवी केस- अनुप्रिया पटेल - फोटो : X / @PIB_India
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विस्तार
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केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बुधवार को कहा कि 2010 से नए वार्षिक एचआईवी संक्रमण में 44 प्रतिशत की कमी आई है, जो वैश्विक कमी दर 39 प्रतिशत से बेहतर है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत 2030 तक सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा बन चुके एचआईवी/एड्स को समाप्त करने के संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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अनुप्रिया पटेल ने संयुक्त राष्ट्र में 'पुनर्जीवित बहुपक्षवाद: एड्स को एक साथ समाप्त करने के लिए पुनः प्रतिबद्धता' विषय पर एक उच्च स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह जानकारी साझा की। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह कार्यक्रम यूएनएड्स, ग्लोबल फंड और पीईपीएफएआर की तरफ से आयोजित किया गया था। केंद्रीय मंत्री ने एचआईवी/एड्स के खिलाफ लड़ाई में भारत की प्रगति और रणनीतियों को रेखांकित किया, जिसमें राष्ट्रीय एड्स और एसटीडी नियंत्रण कार्यक्रम (2021-2026) का 5वां चरण भी शामिल है, जिसे भारत सरकार की तरफ से पूरी तरह से वित्त पोषित किया गया है।

'भारत में 2.5 मिलियन से अधिक लोग HIV से पीड़ित'
हाल ही में आई 'भारत एचआईवी अनुमान 2023' रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2.5 मिलियन से अधिक लोग एचआईवी से पीड़ित हैं, लेकिन मजबूत प्रयासों की बदौलत, वयस्कों में एचआईवी का प्रसार 0.2 प्रतिशत है और अनुमानित वार्षिक नए एचआईवी संक्रमण लगभग 66,400 हैं।
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भारत में सालाना 30 मिलियन से ज्यादा मुफ्त HIV टेस्ट
भारत ने एचआईवी/एड्स से निपटने में बड़ी प्रगति की है, मंत्री ने कहा और शैक्षणिक संस्थानों में रेड रिबन क्लब जैसी युवा-लक्षित पहलों और वार्षिक रेड रन मैराथन जैसी जन-जागरूकता गतिविधियों का उल्लेख किया, जो इस लड़ाई में सहायक हैं। उन्होंने कहा, भारत सभी गर्भवती महिलाओं को व्यापक एचआईवी और सिफलिस परीक्षण प्रदान करता है, जिसमें सालाना 30 मिलियन से अधिक निःशुल्क एचआईवी परीक्षण किए जाते हैं।

'हमें HIV के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में योगदान देने पर गर्व है'
उन्होंने कहा, कुल मिलाकर, 1.7 मिलियन से अधिक लोग सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों के माध्यम से निःशुल्क एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी) प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने एंटी-रेट्रोवायरल दवाओं के दुनिया के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। देश वर्तमान में वैश्विक एंटी-रेट्रोवायरल दवाओं का 70 प्रतिशत से अधिक आपूर्ति करता है, जिससे जरूरतमंद देशों के लिए सस्ती पहुंच सुनिश्चित होती है। मंत्री ने कहा, हमें दुनिया भर में गुणवत्तापूर्ण उपचार सुलभ बनाकर एचआईवी/एड्स के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में योगदान देने पर गर्व है।
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