प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 3 दिसंबर को चंडीगढ़ स्थित पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) में आयोजित समारोह में तीन नए कानूनों की समीक्षा की थी। उन्होंने तीन परिवर्तनकारी, नए आपराधिक कानूनों- 'भारतीय न्याय संहिता', 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' और 'भारतीय साक्ष्य अधिनियम' का सफल कार्यान्वयन, राष्ट्र को समर्पित किया था। चंडीगढ़ प्रशासन ने तीन नए कानूनों को सफलतापूर्वक लागू किया है। तीन नए कानूनों के प्रावधानों के तहत, अब पुलिस थानों या घटना स्थल पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी। थानों में जब्त माल, जैसे 'ड्रग्स' के स्थान पर 'घास का चूरा' या शराब की जगह कोई दूसरा पदार्थ, नहीं रखा जा सकेगा। जितना माल जब्त हुआ है, उसकी तय मात्रा या संख्या को कम दिखाना, आदि, ये सब काम भी अब बंद हो जाएंगे।
वजह, क्राइम सीन या जब्ती वाले स्थान से लेकर थाने के मालखाने और वहां से फोरेंसिक लैब तक, हर गतिविधि का वीडियो बनेगा। जिम्मेदार लोगों के पास इसका एक्सेस रहेगा। कोई चाह कर भी जब्त माल के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकेगा। जब्त किए गए माल पर क्यूआर कोड लगेगा। थाने में माल जमा कराने वाले का नाम और बेल्ट नंबर, सब कुछ डिजिटल तरीके से नोट होगा। इस जानकारी का भी मिलाना होगा। घटना स्थल से लेकर थाने में माल जमा करने तक, उक्त सभी गतिविधियां, न्याय सेतु एप के माध्यम से थाने में बैठकर देखी जा सकती हैं।