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Covid Study: एक ही या मिश्रित टीकों की तीन खुराक महामारी से बचाव में समान रूप से कारगर, सबसे बड़े अध्ययन में पुष्टि

Wed, 01 Jun 2022 03:56 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, नई दिल्ली

सार

बीएमजे जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ये खुराक कोरोना के विभिन्न वैरिएंट्स से भी बचाव में प्रभावी हैं। 
 
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बच्चों को लगा कोरोना का टीका - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना महामारी से निपटने के लिए विकसित टीकों के असर को लेकर अब तक के सबसे बड़े अध्ययन की रिपोर्ट आई है। इसमें दावा किया गया है कि एक ही तरह के कोविड टीके की तीन खुराक या मिश्रित टीकों (vaccine combinations) की एक खुराक महामारी से बचाव में समान रूप से कारगर है। 

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बीएमजे जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ये खुराक कोरोना के विभिन्न वैरिएंट्स से भी बचाव में प्रभावी हैं। अध्ययन के नतीजों में कहा गया है कि खुराक की संख्या इम्युनिटी बढ़ाने में निर्णायक भूमिका अदा करती है, बजाए अलग अलग वैक्सीनों की मिश्रित खुराक के। इस अध्ययन से स्वास्थ्य एजेंसियों को भविष्य में निर्णय लेने में सुविधा होगी। 

शोधकर्ताओं ने कहा कि कोविड-19 के लिए एक ही टीके की प्रभावशीलता सबको स्पष्ट है, जबकि मिश्रित टीकों के असर को लेकर स्पष्टता कम है, खासकर बुजुर्गों और प्रतिरक्षा में अक्षम लोगों के मद्देनजर। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड संक्रमण और इससे मौतों में तीव्र गिरावट के बावजूद टीके की प्रतिरोधक क्षमता कम होने और नए वैरिएंट की आशंका को देखते हुए यह समझना महत्वपूर्ण है कि  कौन से वैक्सीन कॉम्बिनेशन सबसे प्रभावी हैं।
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चाइनीज यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग (CUHK) के शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के 38 कोविड-19 डाटाबेस का विश्लेषण किया। इसमें कोविड वैक्सीन के स्वीकृत 24 मिश्रित टीकों और सात अलग-अलग वैक्सीन लेने वाले 10 करोड़ से अधिक प्रतिभागियों को शामिल करते हुए 53 परीक्षण किए। 

शोधकर्ताओं के अनुसार एमआरएनए mRNA वैक्सीन की तीन खुराक कोविड संक्रमण रोकने में सबसे प्रभावी पाई गई। इसी तरह कोई भी समान या अलग अलग तीन खुराकें भी संक्रमण रोकने में तुलनात्मक रूप से अच्छी तरह से काम करती हैं। इतना ही नहीं ये कोरोना के विभिन्न वैरिएंट के खिलाफ भी प्रभावी हैं। 

एक ही वैक्सीन की तीन खुराक को सजातीय खुराक (homologous regimen) माना जाता है, जबकि तीसरी खुराक यदि पहले ली गई दो खुराकों से अलग हो तो उसे विषम खुराक (heterologous regimen) कहा जाता है। अध्ययन में यह भी पाया गया है कि किसी भी एमआरएनए वैक्सीन की तीन खुराक कम गंभीर संक्रमण से बचाव में सबसे ज्यादा यानी 96 फीसदी प्रभावी है। यह अस्पताल में भर्ती होने की जोखिम 95 फीसदी तक कम करने में सबसे ज्यादा असरकारी है। 

‘हर घर दस्तक-2’ अभियान आज से
देश में ‘हर घर दस्तक-2.0’ अभियान एक जून से शुरू होकर दो महीने तक चलेगा। इसमें स्कूल आधारित विशेष मुहिम के माध्यम से कोविड के खिलाफ 12 से 18 साल के बच्चों के कोविड रोधी टीकाकरण पर ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि अभियान में उन लोगों पर ध्यान दिया जाएगा, जिनकी दूसरी खुराक बाकी है। इसके अलावा 60 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों को एहतियातन खुराक देने में भी घर-घर जाकर टीका लगाने के इस अभियान के तहत ध्यान दिया जाएगा।

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