फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

NEET-UG: NTA की जांच में खुलासा- अबतक पेपर लीक नहीं केवल गड़बड़ी के 63 मामले; 23 अभ्यर्थियों की परीक्षा पर रोक

Wed, 12 Jun 2024 08:40 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

NEET-UG: देशभर में नीट-यूजी 2024 की परीक्षा को लेकर मचे घमासान के बीच राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने बड़ा खुलासा किया है। एनटीए ने बताया कि पेपर लीक का कोई मामला जांच में नहीं आया है। हालांकि नीट-यूजी में गड़बड़ी के कुल 63 मामले सामने आए हैं।
विज्ञापन
एनटीए के डायरेक्टर जनरल सुबोध कुमार सिंह - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने नीट-यूजी 2024 की परीक्षा को लेकर बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी ने बताया कि परीक्षा में पेपर लीक का कोई मामला जांच में सामने नहीं आया है। लेकिन नीट-यूजी में गड़बड़ी के कुल 63 मामले जरूर पाएं गए हैं। इस पर कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने गड़बड़ी करने वाले और अनुचित साधनों के उपयोग के लिए 23 उम्मीदवारों को नीट-यूजी से वंचित किया है।
विज्ञापन


विशेषज्ञ पैनल कर रहे ग्रेस अंक की समीक्षा
नीट-यूजी 2024 परीक्षा के रिजल्ट में हुई धांधली को लेकर देश भर छात्र प्रदर्शन भी कर रहे हैं। जबकि इस मामले में एनटीए ने बताया कि 1,500 से अधिक छात्रों को दिए गए ग्रेस अंकों की समीक्षा विशेषज्ञ पैनल कर रहा है, इसमें किसी भी छात्र को कोई नुकसान नहीं होगा। 

सुप्रीम कोर्ट में नीट-यूजी में ग्रेस अंक का विवाद 
बता दें कि नीट-यूजी में ग्रेस अंक का विवाद सुप्रीम कोर्ट में पहुंच था। सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में रिजल्ट वापस लेने के साथ दोबारा परीक्षा कराने की मांग की गई थी। इस मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों को झटका देते हुए, नीट-यूजी की परीक्षा रद्द और कांउसलिंग की प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। वहीं उच्च न्यायालय ने दोबारा परीक्षा की मांग वाली याचिकाओं पर एनटीए से रिपोर्ट भी तलब की है।
विज्ञापन


रिजल्ट की गड़बड़ी पर राजनीति भी जारी
नीट-यूजी के रिजल्ट में गड़बड़ी की शिकायत सामने आने पर इस मामले में राजनीति भी शुरू हो गई है। मामले में देश की विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से उचित कार्रवाई की मांग की है। दरअसल महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद और शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लिखे पत्र में देशभर के लाखों मेडिकल छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता जताई है। और सरकार के साथ-साथ परीक्षा एजेंसियों पर आरोप भी लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें