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NEET: फिजियोथेरेपी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट अनिवार्य, कर्नाटक के मंत्री शरण प्रकाश पाटिल ने किया एलान

Fri, 25 Apr 2025 06:43 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

कर्नाटक में फिजियोथेरेपी पाठ्यक्रमों में प्रवेश अब नीट के दायरे में आएगा, जो मानकीकृत चिकित्सा शिक्षा की दिशा में राष्ट्रीय कदम के अनुरूप है। इसका एलान राज्य के चिकित्सा शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री शरण प्रकाश पाटिल ने किया है। 
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शरण प्रकाश पाटिल, मंत्री, कर्नाटक - फोटो : ANI
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विस्तार
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कर्नाटक के चिकित्सा शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री शरण प्रकाश पाटिल ने शुक्रवार को घोषणा की कि फिजियोथेरेपी पाठ्यक्रमों में प्रवेश अब नीट के दायरे में आएगा, जो मानकीकृत चिकित्सा शिक्षा की दिशा में राष्ट्रीय कदम के अनुरूप है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा कि योग्यता-आधारित शिक्षा और गहन नैदानिक अनुभव को सक्षम करने के लिए पाठ्यक्रम की अवधि को पांच वर्ष तक बढ़ा दिया गया है।
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'नीट बढ़ाएगा शैक्षणिक गुणवत्ता और पेशेवर मानक'
बंगलूरू में फिजियोथेरेपी पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, कर्नाटक फिजियोकॉन-25 के उद्घाटन पर बोलते हुए, मंत्री पाटिल ने नीट के दायरे में फिजियोथेरेपी पाठ्यक्रम में प्रवेश को शामिल करने के लिए राज्य सरकार के समर्थन को व्यक्त किया। एक बयान में उनके हवाले से कहा गया, 'हम नीट के तहत फिजियोथेरेपी पाठ्यक्रमों के एकीकरण का स्वागत करते हैं, जो शैक्षणिक गुणवत्ता और पेशेवर मानकों को बढ़ाएगा।' इस कार्यक्रम में 10,000 से अधिक छात्रों को संबोधित करते हुए, मंत्री पाटिल ने स्वास्थ्य सेवा स्पेक्ट्रम में फिजियोथेरेपिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला - प्रसव से लेकर बुजुर्गों की देखभाल तक।

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स्वास्थ्य सेवा में फिजियोथेरेपिस्ट की अहम भूमिका- मंत्री
उन्होंने कहा, 'फिजियोथेरेपिस्ट आज न्यूरो और आर्थोपेडिक रिहैब, कार्डियोपल्मोनरी केयर, पीडियाट्रिक्स, विकलांगता सहायता, खेल चिकित्सा, फिटनेस और समुदाय-आधारित देखभाल में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।' उन्होंने प्रशिक्षित पेशेवरों की बढ़ती घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय मांग को पूरा करने के लिए अधिक सरकारी कॉलेजों में फिजियोथेरेपी पाठ्यक्रम शुरू करने की राज्य की योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया। 
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कई देशों के वक्ता भी कार्यक्रम में हुए शामिल
इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद, राष्ट्रीय संबद्ध और स्वास्थ्य पेशेवरों के आयोग की अध्यक्ष यज्ञ शुक्ला ने कहा कि आयोग फिजियोथेरेपी शिक्षा में एक राष्ट्र, एक पाठ्यक्रम पहल शुरू करने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम सुधार एक सुनहरा मानक स्थापित करेंगे और पेशे को ऊपर उठाएंगे, जिससे छात्रों और चिकित्सकों दोनों को दूरगामी लाभ मिलेंगे। इस सम्मेलन में वैश्विक विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिसमें इस्राइल, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल के वक्ताओं के साथ-साथ 50 राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने प्रतिनिधियों के साथ अंतर्दृष्टि साझा की। इस कार्यक्रम के दौरान 800 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिससे यह क्षेत्र में फिजियोथेरेपी पेशेवरों के लिए सबसे बड़े प्लेटफार्मों में से एक बन गया।

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