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नीति आयोग सदस्य बोले: मध्यम वर्ग को मेडिकल इंश्योरेंस की जरूरत, देश में महज 6.8 फीसदी लोगों के पास निजी बीमा

Tue, 11 Oct 2022 07:41 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

'फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री' द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पॉल ने कहा कि नीति आयोग उस 30-40 करोड़ मध्य वर्ग की बात कर रहा है, जिन्हें बीमा की जरूरत है। 
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डॉ. वीके पॉल - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी के पॉल ने मंगलवार को कहा कि देश के मध्यम वर्ग के लिए एक विशिष्ट चिकित्सा बीमा उत्पाद की आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि अभी सिर्फ 6.8 फीसदी व्यक्तियों के पास ही निजी बीमा है। 

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'फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री' द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पॉल ने कहा कि नीति आयोग उस 30-40 करोड़ मध्य वर्ग की बात कर रहा है, जिन्हें बीमा की जरूरत है। 

पॉल 'फिक्की हील-2022' में 'भारत के आर्थिक विकास में स्वास्थ्य सेवा की भूमिका' विषय पर एक सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा को चालू किया जा रहा है। 
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नीति आयोग के सदस्य पॉल ने बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर जिन दो प्रमुख मध्यम अवधि के निवेश कार्यक्रमों का हवाला दिया, उनमें पहला- 15वें वित्त आयोग के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल और दूसरा- आयुष्मान भारत इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन शामिल हैं। 

उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए बुनियादी ढांचे और निदान के लिए पांच वर्षों में कुल 77 हजार करोड़ रुपये के अनुदान का वितरण किया जाएगा, जबकि आयुष्मान भारत इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पांच वर्षों में 64 हजार करोड़ रुपये के अनुदान का वितरण किया जाएगा। 
 
उन्होंने कहा कि यदि आप इसे जोड़ते हैं और जिलों की संख्या से विभाजित करते हैं, तो प्रत्येक जिले में पांच वर्षों में 200 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। पॉल ने यह भी कहा कि चिकित्सा मूल्य यात्रा (मेडिकल वैल्यू ट्रैवल) सरकार की प्राथमिकता में है और सुविधा प्रदाता जल्द सामने आएंगे। 

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