NDA: नौ राज्यों में राज्यसभा की 12 रिक्त सीटों के लिए चुनाव तीन सितंबर को होंगे। भाजपा और उसके सहयोगियों को चुनाव में 12 में से 11 सीट जीतने की उम्मीद है, जिससे एनडीए 245 सदस्यीय सदन में 122 सीट पर पहुंच जाएगा।
भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को अगले महीने 12 सीटों के लिए होने वाले उप चुनाव में स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद है, जिसे पार्टी को वक्फ (संशोधन) विधेयक जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दिलाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
उच्च सदन में भाजपा के पास 87 सांसद हैं और सहयोगियों के साथ ये संख्या 105 है। छह मनोनीत सदस्य हैं, जो आमतौर पर सरकार के पक्ष में ही वोट डालते हैं। इस तरह एनडीए के सदस्यों की कुल संख्या 111 तक पहुंचती जो कि 115 के बहुमत के आंकड़े से चार कम है। वहीं, राज्यसभा में कांग्रेस के 26 सदस्य हैं। सहयोगी दलों के 58 सदस्यों के साथ यह संख्या बढ़कर 84 हो जाती है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के 11 और बीजद के आठ सदस्य हैं।
नौ राज्यों में राज्यसभा की 12 रिक्त सीटों के लिए चुनाव तीन सितंबर को होंगे। चुनाव आयोग ने राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी को स्पष्ट लाभ देते हुए प्रत्येक सीट के लिए 12 अलग-अलग चुनावों की घोषणा की है। भाजपा और उसके सहयोगियों को चुनाव में 12 में से 11 सीट जीतने की उम्मीद है, जिससे एनडीए 245 सदस्यीय सदन में 122 सीट पर पहुंच जाएगा।
विज्ञापन
उच्च सदन में जम्मू कश्मीर से चार सीटें खाली हैं। दरअसल, केंद्र शासित प्रदेश को अभी तक अपनी पहली विधानसभा नहीं मिली है। इससे राज्यसभा की प्रभावी संख्या घटकर 241 रह जाती है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, सर्बानंद सोनोवाल और ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित मौजूदा सदस्यों के लोकसभा के लिए चुने जाने के कारण राज्यसभा की दस सीटें खाली हो गई थीं। तेलंगाना और ओडिशा की दो सीटों के लिए उप चुनाव हो रहे हैं।
तेलंगाना से के.केशव राव ने हाल ही में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा और सदन से इस्तीफा दिया। जबकि बीजू जनता दल (बीजद) की सांसद ममता मोहंता ने अपनी राज्यसभा सीट और पार्टी की प्राथमिकता सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। वह भाजपा में शामिल हो गई हैं।