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West Bengal: मुर्शिदाबाद के धुलियान में हिंसा पीड़ितों से मिलीं महिला आयोग की सदस्य, फूट-फूटकर रोईं पीड़िताएं

Sat, 19 Apr 2025 03:45 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुर्शिदाबाद

सार

महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने पीड़ितों से मुलाकात के बाद कहा कि 'इन महिलाओं को जो पीड़ा झेलनी पड़ रही है, उसे देखकर मैं स्तब्ध हूं। हिंसा के दौरान उन्हें जो कुछ सहना पड़ा, वह कल्पना से परे है।' रहाटकर ने पीड़ितों से कहा कि अब उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है और केंद्र सरकार उनके साथ है।
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पीड़िताओं से मिलती महिला आयोग की सदस्या - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर के नेतृत्व में एक टीम ने शनिवार को मुर्शिदाबाद के धुलियान में हिंसा के पीड़ितों से मुलाकात की और उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा उचित कदम उठाए जाएंगे। इस दौरान पीड़ित महिलाओं ने महिला आयोग की टीम को धुलियान के बेटबोना कस्बे के पीड़ितों ने अपनी आपबीती सुनाई और मांग की कि जिले में स्थायी बीएसएफ कैंप स्थापित किए जाएं और सांप्रदायिक झड़प की एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) जांच की जाए। 
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'पीड़ितों को झेलना पड़ा, वह कल्पना से परे'
महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने पीड़ितों से मुलाकात के बाद कहा कि 'इन महिलाओं को जो पीड़ा झेलनी पड़ रही है, उसे देखकर मैं स्तब्ध हूं। हिंसा के दौरान उन्हें जो कुछ सहना पड़ा, वह कल्पना से परे है।' रहाटकर ने पीड़ितों से कहा कि अब उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है और केंद्र सरकार उनके साथ है। महिला आयोग की टीम को आपबीती सुनाते हुए पीड़ित महिलाओं अपने आंसू नहीं रोक पाईं और आयोग की सदस्यों से गले मिलकर रोतीं नजर आईं। 

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गृह मंत्री को रिपोर्ट देगा महिला आयोग
पीड़िताओं ने हाथों में प्लेकार्ड पकड़े हुए थे, जिनमें मांग की गई थी कि 'हम बीएसएफ कैंप की मांग करते हैं, हम सुरक्षा चाहते हैं।' आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आयोग गृह मंत्री को अपनी रिपोर्ट देगा और बीएसएफ का स्थायी कैंप बनाने की पीड़िताओं की मांग को उनके सामने रखेगा। आयोग की टीम के साथ भाजपा विधायक श्रीरूपा मित्रा चौधरी भी मुर्शिदाबाद पहुंचीं। उन्होंने कहा कि मैंने पहले कभी यहां इस स्तर पर हिंसा नहीं देखी है। वक्फ कानून के विरोध में बीती 11-12 अप्रैल को मुर्शिदाबाद के कई इलाकों में हिंसा हुई। इस हिंसा में तीन लोगों की मौत हुई। हिंसा के चलते काफी लोग विस्थापित हुए हैं। शुक्रवार को आयोग की सदस्यों ने मालदा में हिंसा प्रभावित विस्थापितों से मुलाकात की थी। 
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मुर्शिदाबाद हिंसा भयानक और अस्वीकार्य है- महिला आयोग
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार ने शनिवार को मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा को भयानक और अस्वीकार्य बताया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार से इस घटना की जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए मजूमदार ने कहा, 'किसी महिला ने अपने पति को खो दिया, किसी ने अपने बेटे को। लोगों को उनके घरों से घसीट कर मार डाला गया। यह भयानक है। मुझे नहीं पता कि पश्चिम बंगाल में ऐसी घटनाएं पहले कभी हुई हैं या नहीं। हमने यह सब पहली बार देखा है। यह अस्वीकार्य है। सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।


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