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Maharashtra: पीएम के CJI के घर जाने, पुणे सामूहिक दुष्कर्म से लेकर सीट शेयरिंग तक, शरद पवार ने क्या-क्या कहा?

Fri, 04 Oct 2024 11:24 AM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चार अन्य भाषाओं के साथ मराठी को शास्त्रीय भाषा के रूप में मंजूरी दे दी है। इस पर शरद पवार ने कहा कि पांच भाषाओं को विशिष्ट भाषाओं का दर्जा दिया गया है, जिसमें मराठी भी शामिल है।
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शरद पवार - फोटो : PTI
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विस्तार
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महाराष्ट्र में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। इस बीच राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी-एसपी (राकांपा-एसपी) प्रमुख शरद पवार ने शुक्रवार को कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ के घर जाने से लेकर पुणे में सामूहिक दुष्कर्म और सीट बंटवारे जैसे मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने मराठा आरक्षण का समर्थन किया और मराठी को विशिष्ट भाषा का दर्जा देने के लिए केंद्र का धन्यवाद भी किया। 
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पीएम मोदी के सीजेआई के घर जाने के विषय पर टिप्पणी करने से किया इनकार
गणेश उत्सव के दौरान गणपति के दर्शन के लिए पीएम मोदी सीजेआई चंद्रचूड़ के घर पहुंचे थे। इस पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। हालांकि, इस मुद्दे को जब शरद पवार के समक्ष रखा गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "मैं इस विषय पर बात नहीं करना चाहता हूं। देश में पीएम और सीजेआई का पद सर्वोच्च होता है। ये अपने आप में एक संस्थान है और संस्थानों की प्रतिष्ठा बनाए रखना हम सकती जिम्मेदारी है।"

पुणे में सामूहिक दुष्कर्म पर शरद पवार ने दी प्रतिक्रिया
राकांपा-एसपी प्रमुख ने पुणे में सामुहिक दुष्कर्म मामले में भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "सरकार ने महिलाओं के लिए लाड़की बहिन योजना शुरू की। महिलाओं को इससे लाभ हो रहा है। एक तरफ लाड़की बहिन योजना है और दूसरी तरफ महिलाओं पर अत्याचार किया जा रहा है। एक तरफ महिलाओं को वित्तीय सहायता दी जा रही है तो दूसरी तरफ महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार के खिलाफ लोगों में गुस्सा है।"
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मराठी को शास्त्रीय भाषा के रूप में मंजूरी देने पर केंद्र का किया धन्यवाद
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चार अन्य भाषाओं के साथ मराठी को शास्त्रीय भाषा के रूप में मंजूरी दे दी है। इस पर शरद पवार ने कहा, "पांच भाषाओं को विशिष्ट भाषाओं का दर्जा दिया गया है, जिसमें मराठी भी शामिल है। यह मराठी भाषा और अन्य भाषाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। मराठी भाषा को विशिष्ट भाषा की सूचि में शामिल करने में सभी लोगों का योगदान है। यह निर्णय देर से लिया गया, लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि यह निर्णय लिया गया और इससे मराठी भाषा के प्रचार और विकास में लाभ होगा। इसके लिए मैं केंद्र सरकार का धन्यवाद करता हूं।"

विधानसभा चुनाव पर भी की चर्चा
आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर भी शरद पवार ने बात की। उन्होंने कहा, "मैं सीट बंटवारे को लेकर चर्चा में शामिल नहीं हो रहा हूं। ऐसे में इस विषय पर मेरा बोलना ठीक नहीं होगा। मेरे बदले जयंत पाटिल चर्चा में शामिल होंगे। वे इस विषय पर बात करेंगे। इस चर्चा में कांग्रेस की तरफ से नाना पटोले और उनके सहयोगी, संजय राउत और उनके सहयोगी शामिल होंगे। लोकसभा चुनाव के दौरान महाविकास अघाड़ी के भीतर कोई मतभेद नहीं था। यह केवल एक ही जगह सांगली में हुआ था। इसके अलावा कहीं भी कुछ नहीं हुआ। महाराष्ट्र में लोगों को बदलाव चाहिए और यह स्थिति हमारे पक्ष में है।"

मराठा आरक्षण का किया समर्थन
राकांपा-एसपी प्रमुख शरद पवार ने मराठा आरक्षण पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "सभी को लगता है कि आरक्षण मिलना चाहिए। इसमें कुछ गलत नहीं है। लेकिन ऐसा करने से पहले यह हमेशा ध्यान में रखना होगा कि इससे दूसरे लोगों को भी सुरक्षा मिले। उन्हें किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।" उन्होंने बताया कि आरक्षण के मौजूदा स्वरूप के मुताबिक 50% से ऊपर आरक्षण नहीं दिया जा सकता और अगर आरक्षण 50% से ऊपर ले जाना है तो कानून में बदलाव करना होगा। 
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