एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने शुक्रवार को विपक्षी दलों की एक बैठक में समान विचारधारा वाली पार्टियों के एकजुट होने पर जोर दिया। पवार ने किसान आंदोलन को देश के लिए एक दर्दनाक तस्वीर बताया और कहा कि आर्थिक मंदी, कोविड महामारी, बेरोजगारी, सीमा विवाद दैसे कई मुद्दों का राष्ट्र आज सामना कर रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को विपक्षी नेताओं की एक बैठक का आयोजन किया। वर्चुअल माध्यम से हुई इस बैठक में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने कहा कि जिन्हें लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता पर विश्वास है उन्हें जरूर साथ आना चाहिए और एक समयबद्ध एक्शन प्रोग्राम का खाका तैयार करना चाहिए। उन्होंने इसके बाद एक ट्वीट में देश के वर्तमान हालात देखते हुए एक जैसी विचारधारा वाले दलों की बैठक आयोजित करने की पहल का स्वागत किया।
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पवार ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, 'वर्तमान सरकार इन सभी मुद्दों को हल करने में विफल रही है। जो लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता में विश्वास करते हैं; जो लोग हमारे देश के लोकतांत्रिक सिद्धांतों को बचाने के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं, उन्हें एक साथ आना चाहिए, ऐसा मेरा आवाहन है।' उन्होंने आगे कहा कि एक समयबद्ध कार्यक्रम को सामूहिक रूप से शुरू करने की आवश्यकता है। पवार ने देश के वर्तमान राजनीतिक हालात को बहुत निराशाजनक करार दिया।