शुरुआत में इन वित्तीय विशेषज्ञों को दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, मुंबई, चंडीगढ़, बेंगलुरु और गुवाहाटी में एनसीबी के क्षेत्रीय कार्यालयों से संबद्ध किया जाएगा।
नेशनल नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने डार्क वेब और क्रिप्टो की मदद से होने वाले ड्रग अपराधों की जांच के लिए वित्तीय विशेषज्ञों व फोरेंसिक ऑडिटरों की मदद लेने का फैसला किया है। एनसीबी ने परामर्श सेवाएं देने वाली कुछ कंपनियों के नाम जारी किए हैं। ये कंपनियां ड्रग्स कारोबार से जुड़े वित्तीय लेनदेन को पकड़ने व वित्तीय जांच को लेकर प्रभावी दिशा निर्देश मुहैया कराएंगी।
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ये विशेषज्ञ कंपनियां एनसीबी के पास मौजूद विभिन्न डाटा बेस व वित्तीय रिकॉर्ड के विश्लेषण का काम भी करेंगी। ये जांच कर्ताओं को किसी आरोपी द्वारा अवैध तरीके से की गई कमाई का पता लगाने में भी मदद करेंगी। आरोपी की आय व खर्चों का पता लगाकर यह पड़ताल की जाएगी। विशेषज्ञ एनसीबी टीमों को फोरेंसिक ऑडिट करने, रिपोर्ट और दस्तावेजों की जांच करने और बैंक स्टेटमेंट का विश्लेषण करने तथा आरोपी उसके सहयोगियों और परिवार के सदस्यों की अवैध आय का पता लगाने में भी मदद करेंगे।
शुरुआत इन शहरों से होगी
शुरुआत में इन वित्तीय विशेषज्ञों को दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, मुंबई, चंडीगढ़, बेंगलुरु और गुवाहाटी में एनसीबी के क्षेत्रीय कार्यालयों से संबद्ध किया जाएगा। देश में मादक पदार्थों की तस्करी में क्रिप्टो करंसी का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। आनलाइन कारोबार होने के कारण ड्रग्स चेन का पता लगाना एनसीबी के लिए मुश्किल हो रहा है। ऐसे में विशेषज्ञ सेवाओं से जांच में तेजी आ सकेगी।
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एनसीबी प्रमुख प्रधान ने पिछले साल दिए थे निर्देश
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के प्रमुख एस एन प्रधान ने पिछले साल अधिकारियों को केवल अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय असर वाले मामलों, जटिल जांच और हाई प्रोफाइल गठजोड़ तथा गिरोहों से जुड़े मामलों की जांच के निर्देश दिए थे। उन्होंने ब्यूरो की जांच इकाइयों से कहा था, वे मादक पदार्थों के मामलों से जुड़े लेनदेन की समुचित जांच करें और सक्षम अदालतों में आरोप पत्र समय पर दाखिल करें। मुंबई एनसीबी द्वारा क्रूज ड्रग्स मामले में शाहरुख खान के बेटे आर्यन की गिरफ्तारी के दौरान ही प्रधान ने यह निर्देश दिए थे।