केंद्र सरकार के खिलाफ अब क्षेत्रीय दलों ने मोर्चाबंदी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने भी बड़ा एलान किया है। मलिक ने कहा है कि 10 मार्च के बाद गैर-भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री आपस में बैठक करेंगे और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के खिलाफ रणनीति पर चर्चा करेंगे।
क्या रहा नवाब मलिक का पूरा बयान?
नवाब मलिक ने सीधे तौर पर केंद्रीय एजेंसियों को घेरते हुए भाजपा सरकार द्वारा इनके दुरुपयोग का मसला उठाया। उन्होंने महाराष्ट्र की पूर्व फडणवीस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "संजय राउत जी ने आज नई चीजों का खुलासा किया। इसमें पिछले सरकार में IT घोटाला, कौन से ठेकेदार ने कितने पैसे लिए, ईडी के नाम पर कैसे वसूली धंधा चल रहा है, कौन लोग वसूली कर रहे हैं इसकी जानकारी दी है। हमें लगता है आगामी दिनों में ये सारे कागज पत्र लोगों के सामने रखेंगे।
राकांपा नेता ने आगे कहा, "हम वो सारे कागज ईडी के पास भेजेंगे। अगर वो कार्रवाई नहीं करती तो वो आर्थिक अपराध शाखा को देंगे। आगामी दिनों में तीनों पार्टी के लोग बैठेंगे और किस तरह से केंद्रीय एजेंसी के दुरुपयोग से लड़ा जाए उसके खिलाफ रणनीति बनाई जाएगी।
विपक्षी दलों के सीएम की बैठक को लेकर क्या बोले?
मलिक ने कहा, "केसीआर जी उद्धव ठाकरे से मिलेंगे। स्टालिन जी भी ममता बनर्जी से मिलेंगे और 10 मार्च के बाद हम सब और गैर-भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री बैठेंगे।" गौरतलब है कि इससे पहले खुद तमिलनाडु के सीएम स्टालिन कह चुके हैं कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में जल्द ही दिल्ली में विपक्षी दलों के सीएम की बैठक होगी।