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Indian Navy: महिला नाविकों के शामिल होने के बाद पदनाम बदलने की जरूरत, नौसेना का रक्षा मंत्रालय को प्रस्ताव

Tue, 05 Mar 2024 10:52 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी

सार

Indian Navy: एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि महिलाएं सी-मेन नहीं हो सकती हैं। इसलिए रैंक में लैंगिक तटस्थता सुनिश्चित करने के लिए 'नौसैनिक वर्ग-I' या 'नौसैनिक वर्ग-II' जैसे पदनामों का प्रस्ताव दिया गया है। 
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नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि अब महिला नाविकों के सेवा में होने के कारण विभिन्न पदनामों में बदलाव की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इसकी मंजूरी के लिए रक्षा मंत्रालय को एक प्रस्ताव सौंपा गया है। वह मंगलवार को उत्तरी गोवा के वेरेम में नेवल वॉर कॉलेज (एनडब्ल्यूसी) के नए प्रशासनिक भवन के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे। 

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'भविष्य में नौसेना प्रमुख होगी महिला'
एडमिरल कुमार ने अपने संबोधन में लैंगिक तटस्थता की दिशा में नौसेना में हुए बदलाव पर प्रकाश डाला और उम्मीद जताई कि निकट भविष्य में एक महिला नौसेना प्रमुख होगी। उन्होंने कहा, "हम सभी भूमिकाओं और सभी रैंकों में महिलाओं की भर्ती कर रहे हैं। उम्मीद कर रहे हैं कि 30-35 साल बाद हमारे पास नौसेना स्टाफ की प्रमुख एक महिला होंगी, जो आप सभी से बात करेंगी।" 

क्यों है पदनाम में बदलाव की जरूरत
उन्होंने गोवा स्थित एक जहाज में महिला कमांडिंग अधिकारी की तैनाती और रैंकों के भीतर महिला नाविकों की शुरुआत का जिक्र किया। एडमिरल कुमार ने कहा, "महिलाएं सी-मेन नहीं हो सकती हैं। इसलिए रैंक में लैंगिक तटस्थता सुनिश्चित करने के लिए 'नौसैनिक वर्ग-I' या 'नौसैनिक वर्ग-II' जैसे पदनामों का प्रस्ताव दिया गया है।" 
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'डेढ़ साल के भीतर 1124 महिला नाविक'
नौसेना प्रमुख ने कहा, "हमारे पास पिछले साल से पहली बार रैंक में महिलाएं हैं और डेढ़ साल के भीतर हमारे पास 1124 महिला नाविक हैं। वे जल्द ही जहाजों पर सवार होने जा रही हैं।" उन्होंने कहा, "यह उन सभी पुरानी चीजों को हटाने का प्रयास है, जो हमें औपनिवेशिक विरासत में मिली हैं।"  
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