देश भर में स्वाति मालीवाल इन दिनों चर्चाओं में हैं। भाजपा नेता नवनीत राणा ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति जो दिल्ली और पंजाब सहित देश की महिलाओं से कहता है कि मैं आपका भाई हूं लेकिन जब उनकी पार्टी की ही एक महिला सांसद को उनके घर पर पीटा जाता है, तो वह चुुप्पी साध लेते हैं। देश की महिलाओं को अरविंद केजरीवाल के समर्थन में खड़ा नहीं होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल पार्षद बनने में भी सक्षम नहीं है।
जानें क्या है स्वाति मालीवाल केस, एफआईआर में क्या शिकायत की
दिल्ली पुलिस की एफआईआर के मुताबिक, मालीवाल ने 13 मई की घटनाओं का जिक्र किया है। जब वह मुख्यमंत्री केजरीवाल के सिविल लाइंस स्थित आवास पर गई थीं। उन्होंने कहा कि मैं कैंप कार्यालय के अंदर गई। सीएम के पीए बिभव कुमार को फोन किया। लेकिन मैं अंदर नहीं जा सकी। फिर मैंने उनके मोबाइल नंबर पर एक मैसेज भेजा था। हालांकि, कोई जवाब नहीं आया।
इसके बाद मैं उनके आवास के परिसर में गई। जहां मैं अक्सर जाती थी। वहीं बिभव कुमार मौजूद नहीं थे। इसलिए मैंने आवास परिसर में एंट्री की और वहां मौजूद कर्मचारियों को जानकारी दी कि वे यहां सीएम से मिलने के लिए आई हैं। यह सब बातें एफआईआर में लिखी गई हैं। उन्होंने आगे बताया कि मुझे बताया गया कि वह घर में मौजूद हैं और मुझे ड्राइंग रूम में इंतजार करने के लिए कहा है। मैं ड्राइंग रूम में गई और सोफे पर बैठ गई और उनके मिलने का इंतजार किया।
मुझे पता चला की सीएम मिलने के लिए आ रहे हैं। लेकिन अचानक पीए बिभव कुमार कमरे में घुस आए। उन्होंने बिना किसी उकसावे के चिल्लाना शुरू कर दिया। मुझे गालियां भी दीं। मैं स्तब्ध रह गई। इतना ही नहीं मुझे थप्पड़ मारना शुरू कर दिया। जब मैं लगातार चिल्लाती रही तो मुझे कम से कम सात से आठ बार थप्पड़ मारा। मैं वहां मदद के लिए भी चिल्लाई थी। जानबूझकर मेरी शर्ट ऊपर खींची।
उन्होंने बताया कि मैंने उनसे बार-बार कहा कि मैं मासिक धर्म के दौर से गुजर रही हूं। कृपया मुझे जाने दें। लेकिन जाने नहीं दिया। फिर मैं वहीं बैठ गई। मैं ड्राइंग रूम के सोफे पर गई और हमले के दौरान जमीन पर गिरे अपने चश्मे को उठाया। इसके बाद 112 नंबर पर फोन किया और पुलिस को सूचना दी।
बिभव कुमार को पुलिस ने किया गिरफ्तार
मामले में बिभव कुमार को शनिवार को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद बिभव ने तीस हजारी कोर्ट ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जहां से उन्हें राहत नहीं मिली। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।