नवा केरल सदास के तहत मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की सरकार ने लगभग एक महीने तक व्यापक जनसंपर्क का अभियान चलाया। वामपंथी दल- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की सरकार ने पुलिसकर्मियों को अच्छी सेवा में प्रवेश देने का एलान किया है। कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के इस कदम की निंदा की है।
दरअसल, हाल ही में संपन्न नवा केरल सदास अभियान के दौरान सरकार ने बड़ी संख्या में कानून और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया। अभियान खत्म होने के बाद पुलिसकर्मियों को कथित तौर पर 'अच्छी सेवा में प्रवेश' की पहल की गई। मंगलवार को इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने वाम सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस ने फैसले को विपक्ष के आंदोलन के प्रति 'क्रूर मजाक' करार दिया।
कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन राज्य के लोगों की सामान्य समझ पर सवाल उठा रहे हैं। पुलिसकर्मियों से जुड़ा सरकार का कदम आंदोलनों के प्रति उनकी असहिष्णुता को दिखाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केरल सरकार जनसंपर्क अभियान के दौरान ड्यूटी पर लगाए गए पुलिसकर्मियों की 'अनुकरणीय सेवा' को देखते हुए उन्हें अच्छी सेवा में प्रवेश देने की योजना बना रही थी।
सरकार ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है, जब विपक्षी दलों के युवा कार्यकर्ता पुलिस के कथित अत्याचारों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। सरकार की व्यापक आलोचना के बीच विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं ने सदास अभियान के विरोध में काले झंडे दिखाए थे।
विरोध प्रदर्शन को लेकर केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि असहिष्णुता विजयन की 'पहचान' है। वह आलोचकों को डराने की ताक में हैं। कोझीकोड में पत्रकारों से बात करते हुए सतीशन ने आरोप लगाया कि उस अधिकारी को अच्छी सेवा प्रविष्टि प्रदान की जा रही है जिसने कथित तौर पर कोझिकोड में एक प्रदर्शनकारी युवा कांग्रेस कार्यकर्ता का गला घोंटने और उसे जान से मारने का प्रयास किया। उन्होंने एक अन्य अधिकारी पर भी केएसयू कार्यकर्ताओं पर क्रूरतापूर्वक हमला करने का आरोप लगाया।
बता दें कि बीते 23 दिसंबर को केरल की विपक्षी पार्टी- कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। खबरों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, जिसके बाद भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पानी की बौछारें छोड़ी गईं। गौरतलब है कि केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) वाम सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं पर पुलिस के कथित अत्याचार के विरोध में आंदोलन कर रही है।