जयराम रमेश ने कहा कि वीवीपीएटी और कुछ नहीं बल्कि 'वोटर-वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल' है। निर्वाचन आयोग का लगातार मिलने से इनकार करना अन्याय है जो हमारे लोकतंत्र की बुनियाद पर हमला कर रहा है।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के दिन निर्वाचन आयोग ने इंडिया गठबंधन पार्टियों के प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया। कांग्रेस ने इसके लिए निर्वाचन आयोग की जमकर आलोचना की है। उन्होंने इसे अन्याय बताया है जो लोकतंत्र की बुनियाद को आघात कर रहा है।
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मल्लिकार्जुन खरगे ने दी प्रतिक्रिया
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस अपने प्रतिनिधियों को चुनने की स्वतंत्रता का प्रयोग करके अपने भाग्य का निर्धारण करने की लोगों की शक्ति की पुष्टि करता है। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने कहा, 'हर साल निर्वाचन आयोग 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के तौर पर मनाता है। लेकिन, दुख की बात है कि यह स्वतंत्र संस्था 'इंडिया' गठबंधन की पार्टियों के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर रही है। ये पार्टियां केवल मतदाताओं द्वारा वोट डालने पर वीवीपैट के अधिक से अधिक उपयोग पर अपनी बात रखना चाहते हैं।'
निर्वाचन आयोग का लगातार इनकार करना अन्याय है: जयराम रमेश
जयराम रमेश आगे कहा, 'वीवीपीएटी और कुछ नहीं बल्कि 'वोटर-वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल' है। निर्वाचन आयोग का लगातार इनकार करना अन्याय है जो हमारे लोकतंत्र की बुनियाद पर हमला कर रहा है। मतदाता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उनका वोट सटीक तरीके से दर्ज किया गया है।' जयराम रमेश ने पिछले साल 30 दिसंबर को निर्वाचन आयोग को चिट्ठी लिखी थी। उन्होंने निर्वाचन आयो से इंडिया गठबंधन के प्रतिनिधियों को वीवीपैट पर्चियों पर अपने विचार रखने के लिए मिलने का अनुरोध किया था। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने वीवीपैट पर जयराम रमेश की चिंताओं को खारिज कर दिया था।
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आयोग ने जवाबी पत्र में बताया कि मतदाता पर्चियों संबंधी नियम कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा 2013 में पेश किए गए थे। इसके बाद जयराम रमेश ने आठ जनवरी को फिर से एक बार आयोग को चिट्ठी लिखकर दोबारा से मिलने के लिए समय मांगा था।