सप्पल ने नीति आयोग की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अगले चार से पांच वर्षों में 46 फीसदी ऐसी जॉब होगी जो दुनिया में कहीं है ही नहीं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सॉल्यूशन पर लोगों को ट्रेंड करना, जो उपलब्ध डेटा है तो उसे हैंडल करना और उसका सही उपयोग करना शामिल है। लेकिन जब छात्रों को इस दिशा में सही शिक्षा और ट्रेनिंग नहीं मिलेगी, तो हम इस अवसर को गवां देंगे। भविष्य को देखते हुए आज शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की आवश्यकता है। देश में 70 के दशक में कृषि और अंतरिक्ष के क्षेत्र में काम हुआ, 80 के दशक में कॉरपोरेट और इकोनॉमी के क्षेत्र में काम हुआ, 90 के दशक में बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम हुआ। लेकिन ये आजादी के बाद पहला दशक होगा जिसमें हम सब कुछ खो रहे हैं।