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अर्थव्यवस्था की चुनौतियां: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर देना होगा खास जोर, केंद्र सरकार के फैसलों से क्यों खुश नहीं हैं कॉरपोरेट घराने?

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 01 Apr 2022 11:17 PM IST

सार

कांग्रेस नेता और समृद्ध भारत ट्रस्ट के ट्रस्टी गुरदीप सिंह सप्पल ने कहा कि देश के जॉब सेक्टर में बहुत चुनौतियां हैं। अगर हम इन चुनौतियों को अवसर में बदलें तो बहुत अच्छा है। आज विश्व में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर है। इस दौर में हम मशीनों को फैसले लेने का अधिकार दे रहे हैं। आज विश्व में 64 फीसदी आईटी मार्केट और 40 फीसदी बीपीओ पर भारतीयों का कब्जा है...
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नेशनल इकोनॉमिक कॉन्क्लेव - फोटो : Agency


सप्पल ने नीति आयोग की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अगले चार से पांच वर्षों में 46 फीसदी ऐसी जॉब होगी जो दुनिया में कहीं है ही नहीं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सॉल्यूशन पर लोगों को ट्रेंड करना, जो उपलब्ध डेटा है तो उसे हैंडल करना और उसका सही उपयोग करना शामिल है। लेकिन जब छात्रों को इस दिशा में सही शिक्षा और ट्रेनिंग नहीं मिलेगी, तो हम इस अवसर को गवां देंगे। भविष्य को देखते हुए आज शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की आवश्यकता है। देश में 70 के दशक में कृषि और अंतरिक्ष के क्षेत्र में काम हुआ, 80 के दशक में कॉरपोरेट और इकोनॉमी के क्षेत्र में काम हुआ, 90 के दशक में बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम हुआ। लेकिन ये आजादी के बाद पहला दशक होगा जिसमें हम सब कुछ खो रहे हैं।

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