देश में राष्ट्रीय सहकारिता नीति बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई राष्ट्रीय सहकारी नीति का मसौदा तैयार करने के लिए एक राष्ट्रीय समिति के गठन का एलान किया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। इसमें देश के सभी हिस्सों से 47 सदस्य शामिल किए गए हैं। समिति में राष्ट्रीय, राज्य, जिला और प्राथमिक सहकारी समितियों के प्रतिनिधि, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के सचिव, सहकारिता और सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार और केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के अधिकारी शामिल किए गए हैं।
देश में अभी करीब 8.5 लाख सहकारी समितियां हैं। इनके लगभग 29 करोड़ सदस्यों हैं। मोदी सरकार ‘सहकार से समृद्धि‘ पर जोर दे रही है। इसे साकार करने के लिए नई राष्ट्रीय सहकारिता नीति बनाई जा रही है। मौजूदा राष्ट्रीय सहकारिता नीति 20 साल पुरानी है। सहकारिता के विस्तार को देखते हुए नई नीति बनाई जा रही है।