देश का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ अपने लगभग 3.25 लाख कर्मियों के बीच अंगदान के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए शुक्रवार को एक अभियान शुरू करेगा। इस स्वैच्छिक मिशन का समापन 27 नवंबर को राष्ट्रीय अंगदान दिवस के अवसर पर होगा। इसकी योजना मृत्यु के बाद भी राष्ट्र की सेवा की भावना को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत के दौरान शुक्रवार को सीआरपीएफ के महानिदेशक (डीजी) एपी माहेश्वरी एक वेबिनार के जरिये अंगदान की शपथ लेंगे। इस अभियान को ‘ई-संजीवनी’ नाम दिया गया है।
अभियान का लक्ष्य जागरूकता फैलाकर, डर दूर करना
उन्होंने बताया कि इस अभियान में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया और एम्स के ऑर्गन रिट्रीवल बैंकिंग ऑर्गनाइजेशन (ओआरबीओ) की प्रमुख डॉ. आरती विज शामिल होंगे। सीआरपीएफ के प्रवक्ता उप महानिरीक्षक (डीआईजी) मोसेस दिनाकरण ने बताया कि इस अभियान का लक्ष्य जागरूकता फैलाकर, डर दूर करना और अंगदान को स्वीकार्यता प्रदान कर इस समस्या के मूल पर निशाना साधना है।
वेबिनार, संगोष्ठी और जागरूकता वीडियो बनाने में सीआरपीएफ के डॉक्टरों के साथ मिलकर करेंगे काम
दिनाकरण ने बताया कि यह कर्मियों को आंख, त्वचा, फेफड़े, हृदय, यकृत, अग्न्याशय, गुर्दे, हृदय के वाल्व, आंत और रक्त वाहिकाओं के दान की प्रतिज्ञा करने में मदद करने वाली एक ऑनलाइन कवायद होगी। दिनाकरण ने बताया कि एम्स के डॉक्टर ‘इस नेक और मानवीय कार्य’ के लिए सीआरपीएफ कर्मियों को उत्साहित करने के लिए वेबिनार, संगोष्ठी, कार्यशाला और जागरूकता वीडियो बनाने में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के डॉक्टरों के साथ मिलकर काम करेंगे।