दिल्ली एम्स समेत देश के नौ अस्पतालों में बूस्टर खुराक के लिए नेजल वैक्सीन (नाक से दिया जाने वाला टीका) पर परीक्षण शुरू होगा। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने शुक्रवार को हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कंपनी को नाक से दी जाने वाले टीके के तीसरे परीक्षण की अनुमति दी है। इसके अब तक दो चरण के क्लीनिकल ट्रायल पूरे हो चुके हैं।
डीसीजीआई की हरी झंडी के बाद भारत बायोटेक जल्द ही तीसरे चरण का परीक्षण शुरू करेगी जिसमें बूस्टर खुराक को भी जोड़ा गया है। बूस्टर खुराक के परीक्षण में कंपनी उन लोगों को शामिल करेगी जिन्हें कोवाक्सिन की दो खुराक पहले मिल चुकी हों और टीकाकरण पूरा हुए कम से कम छह माह की अवधि पूरी हुई हो।
डीसीजीआई के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, भारत बायोटेक ने कोरोना वायरस को निष्क्रिय करने के बाद जिस स्वदेशी कोवाक्सिन को तैयार किया था उसी को नई तकनीक के साथ जोड़कर नाक से दिया जाने वाला टीका तैयार किया है। इसके अभी तक सामने आए परीक्षण परिणाम संतोषजनक हैं जिनके आधार पर एसईसी कमेटी ने तीसरे परीक्षण की अनुमति देने की सिफारिश की थी।
उन्होंने कहा, फॉर्मा कंपनी यह तीसरा परीक्षण देश के नौ अस्पतालों में करेगी जिसमें से एक दिल्ली एम्स है। परीक्षण सफल रहा तो कोवाक्सिन की दो खुराक लेने के कम से कम छह माह बाद तीसरी यानी बूस्टर खुराक हासिल की जा सकेगी। वैज्ञानिकों का कहना है कि इंट्रानैजल वैक्सीन नाक व फेफड़ों में मजबूत प्रतिरक्षा तंत्र का निर्माण करेगी।
कोवाक्सिन लेने वालों पर होगा परीक्षण
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत बायोटेक ने अपनी नैजल वैक्सीन BBV154 को पहले से टीका ले चुके लोगों को बूस्टर डोज के तौर पर उपयोग करने का प्रस्ताव दिया है। इस वैक्सीन का परीक्षण ऐसे लोगों पर किया जाएगा जिन्होंने पहले कोवाक्सिन ले रखी है।
भारत बायोटेक ने पहले घोषणा की थी कि उसके द्वारा निर्मित यह नैजल वैक्सीन बच्चों के लिए सुरक्षित, सहन करने योग्य है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इंट्रानैजल वैक्सीन नाक व फेफड़ों में मजबूत प्रतिरक्षा तंत्र का निर्माण करेगी। इससे वायरस संक्रमण के खिलाफ सुरक्षा में मदद मिलेगी।
संक्रमण दर में बड़ी गिरावट
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले एक दिन में 15.82 लाख सैंपल की जांच हुई थी, जिसमें 15.88 फीसदी सैंपल कोरोना संक्रमित मिले हैं। बीते बृहस्पतिवार को यह दैनिक संक्रमण दर 19.59 फीसदी थी। वहीं, बुधवार को यह 16 फीसदी थी। इसी के साथ ही देश में कुल संक्रमित रोगियों की संख्या बढ़कर 4,06,22,366 तक पहुंच गई है जिनमें 3,80,13,481 रोगी ठीक भी हुए लेकिन 4,92,324 लोगों की अब तक मौत हुई है।