रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके भारतीय पहलवान नरसिंह यादव के डोपिंग मामले में दिलचस्प मोड़ आ गया है। ओलंपिक जाने से पहले डोप में फंसे नरसिंह ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण को लिखे पत्र में उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है। नरसिंह ने पत्र में तीन नामों को इस साजिश में शामिल बताया है। कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने नरसिंह का पत्र मिलने की पुष्टि की है। साथ ही कुश्ती संघ ने इस मामले की रिपोर्ट पीएमओ को भी सौंप दी है।
पीएमओ इसे गंभीरता से लेते हुए यह मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बढ़ा दी। प्रधानमंत्री मोदी ने तत्काल प्रभाव से संज्ञान लेते हुए भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह को तलब कर लिया और उनसे चल रहे विवाद की पूरी जानकारी मांगी। नरसिंह यादव का मिथेनडायनोन एक एनाबॉलिक स्टेरॉयड का डोपिंग टेस्ट पॉजीटिव पाया गया था। ये टेस्ट 25 जून को हुआ था उसके बाद से ही इसको लेकर खेल जगत में खासी उथलपुथल मची हुई है।
सूत्र बताते हैं कि नरसिंह ने अपने पत्र में जिन तीन लोगों पर साजिश रचने का आरोप लगाया है उनमें देश के जाने-माने पहलवान, गुजरे जमाने के जाने-माने पहलवान और साई की एक महिला पदाधिकारी शामिल हैं। नरसिंह ने सोनीपत कैंप में खाने में मिलावट की शिकायत की थी। भारत के लिए कई पदक चुके नरसिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर सीबीआई जांच की मांग की है, जिसके कारण उनकी रियो ओलंपिक में भागीदारी पर संदेह के बादल छा गए हैं। इस मामले में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। हालांकि बुधवार तक नाडा का हियरिंग पैनल नरसिंह के भाग्य का फैसला कर देगा।