दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पूरे कार्यकाल में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक कदम उठाए हैं। महिलाओं के लिए लगभग 11 करोड़ इज्जत घरों (शौचालयों) का निर्माण करना, जनधन खातों के माध्यम से महिलाओं के लिए रोजगार के लिए सस्ता कर्ज उपलब्ध कराना, 34 प्रतिशत घरों को उज्जवला योजना का लाभ मिलना, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना, प्रधानमंत्री आवास के अंतर्गत गरीबों को मिलने वाले घरों की रजिस्ट्री घर की महिलाओं के नाम कराना, 80 करोड़ लोगों के लिए राशन उपलब्ध कराना जैसे अनेक कार्यों से मोदी ने महिलाओं के दिल में अपनी जगह बनाने की कोशिश पहले से ही करते रहे हैं।
भाजपा को कितना वोट देती हैं महिलाएं
भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद एक सर्वे कराया था। इस सर्वे में यह तथ्य सामने आया था कि पीएम नरेंद्र मोदी को पहली बार प्रधानमंत्री बनाने के लिए उसे 33 प्रतिशत पुरुषों और 29 प्रतिशत महिला मतदाताओं का साथ मिला था। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 37 प्रतिशत से कुछ अधिक वोट मिला था। अंतिम आंकड़ों में यह सामने आया है कि महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में मोदी सरकार को ज्यादा वोट किया है।
यूपी में भी महिलाओं का समर्थन बढ़ा
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। चुनाव के बाद सीएसडीएस के एक सर्वे में यह तथ्य सामने आया था कि पिछले चुनाव के मुकाबले पांच प्रतिशत ज्यादा पुरुषों ने भाजपा को वोट दिया था, जबकि 13 प्रतिशत ज्यादा महिलाओं ने योगी आदित्यनाथ सरकार को वोट दिया था। इसका बड़ा कारण योगी सरकार का महिलाओं को सुरक्षा सुनिश्चित कराना था।
2024 में भी मिल सकता है बड़ा समर्थन
संसद-विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण मिलने का मामला जब से सामने आया है, समाज के हर वर्ग में इसका जबरदस्त स्वागत किया जा रहा है। इसे देखते हुए लग रहा है कि सरकार को इस कानून के कारण 2024 के लोकसभा चुनावों में बड़ा लाभ मिलेगा। हालांकि, यह मुद्दा कितना बड़ा होगा और क्या केवल इसके दम पर सरकार सत्ता में वापसी करने में सफल रहेगी, इसको लेकर अभी निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता।
जाहिर है भाजपा से जुड़ी तमाम महिला नेताओं में इसे लेकर बहुत ही सकारात्मक प्रतिक्रिया है। दिल्ली भाजपा की सचिव सारिका जैन ने अमर उजाला से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कार्य ऐतिहासिक है। इसके कारण अब महिलाओं को संसद-विधानसभाओं में बड़ी भागीदारी मिलेगी और समाज में उन्हें ज्यादा प्रभावी भूमिका मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ही कारण यह कानून बनने का रास्ता साफ हुआ है, अन्यथा देश की महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ती।