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Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में नरेंद्र सिंह तोमर पर दांव लगा सकती है भाजपा, बन सकते हैं प्रदेश अध्यक्ष

सार

भाजपा ने चुनावी राज्यों में जिस तरह प्रदेश अध्यक्ष बदले हैं, उससे साफ है कि मध्य प्रदेश में भी सांसद वीडी शर्मा की जगह किसी और को जिम्मेदारी दे सकती है। एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नरेंद्र सिंह तोमर की जोड़ी पर दांव लगाया जा सकता है।
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नरेद्र सिंह तोमर (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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विस्तार
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भाजपा ने चुनावी राज्यों में जिस तरह प्रदेश अध्यक्ष बदले हैं, उससे साफ है कि मध्य प्रदेश में भी सांसद वीडी शर्मा की जगह किसी और को जिम्मेदारी दे सकती है। एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नरेंद्र सिंह तोमर की जोड़ी पर दांव लगाया जा सकता है। एक-दो दिन में तय हो जाएगा कि भाजपा की मध्य प्रदेश इकाई का अध्यक्ष कौन होगा? 

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पार्टी सूत्रों का कहना है कि 2008 और 2013 में चुनावों के समय नरेंद्र सिंह तोमर ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे। दोनों ही बार पार्टी तमाम चुनौतियों को पार कर सत्ता में लौटी थी। 2013 में तो पहले से अधिक विधायकों के साथ शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बने थे। शिवराज-नरेंद्र की जोड़ी पहले भी सफलता के साथ परिणाम दे चुकी है, ऐसे में इसी जोड़ी पर पार्टी का जोर रहेगा। इसकी दो-तीन मुख्य वजहें बताई जा रही हैं। तोमर कई राज्यों में चुनाव प्रभारी भी रह चुके हैं। उनके पास अच्छा-खासा अनुभव है। इसका फायदा भाजपा उठाना चाहती है। 2018 में भाजपा मध्य प्रदेश में हार का स्वाद चख चुकी है और यह वह दोबारा नहीं होने देना चाहती। 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया का साथ मिलने पर शिवराज सत्ता में लौटे जरूर, लेकिन संगठनात्मक सर्वे में पार्टी की स्थिति अच्छी नहीं बताई जा रही है। 

तेलंगाना की तर्ज पर केंद्रीय मंत्री को जिम्मेदारी
तेलंगाना में भाजपा ने केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। इससे इन कयासों को बल मिल गया है कि नरेंद्र सिंह तोमर को मध्य प्रदेश की बागड़ोर सौंपी जा सकती है। यदि तोमर को यह पद दिया गया तो मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। पार्टी इस साल हो रहे विधानसभा चुनावों को 2024 के लोकसभा चुनाव के सेमीफाइनल के तौर पर देख रही है। यदि वीडी शर्मा को हटाते हैं तो उन्हें केंद्र में जिम्मेदारी दी जा सकती है। उनके स्थान पर पार्टी चुनावी गणित के हिसाब से जातीय कार्ड खेल सकती है। मप्र के दो-तीन मंत्रियों को ड्रॉप करने की अटकलें भी हैं। महाकौशल से केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते को संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है। जबलपुर से तीन बार के सांसद राकेश सिंह भी टीम मोदी में शामिल हो सकते हैं। राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी को भी मोदी अपनी टीम में शामिल कर सकते हैं।
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तोमर के पक्ष में 

- तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष बन सकते हैं तोमर, शिवराज के साथ उनके अच्छे संबंध हैं
- 2008 और 2013 में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए भाजपा सत्ता में लौटी थी
- सत्ता और संगठन में तालमेल बेहतर रहेगा। पहले भी उन्होंने यह कर दिखाया है
- जमीनी स्तर के नेता हैं। पूरे राज्य के राजनीतिक हालात पर उनकी अच्छी पकड़ है
- तोमर बड़े नेताओं में सामंजस्य स्थापित कर सकते हैं। असंतोष भी थाम सकते हैं।

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