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इन 10 वजहों से मनमोहन सरकार से जुदा है मोदी सरकार

Wed, 17 May 2017 12:31 PM IST
amarujala.com- Written by: जया पाण्डेय
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- फोटो : sdg
वैसे तो हर सरकार की कुछ न कुछ खूबियां जरूर होती है। मोदी सरकार भी पिछली यूपीए सरकार से काफी मामले में जुदा है। ये सरकार कई मामलों में मनमोहन सरकार से मजबूत नजर आती है। आगे की स्लाइड्स में जानिए किन मामलों में मनमोहन सरकार से अलग है मोदी सरकार-
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भ्रष्टाचार-
अगर भ्रष्टाचार के मामले में दोनों सरकारों की तुलना करें कि मनमोहन सरकार की तुलना में मोदी सरकार में किसी बड़े नेता पर भ्रष्टाचार का दाग नहीं लगा है। सरकार ने लालफीताशाही और भ्रष्टाचार पर काफी हद तक रोक लगाया है। सरकार ने सरकारी योजनाओं को पारदर्शी बनाने की कोशिश की है। 
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मंत्रियों की अनुशासित इमेज-
मोदी सरकार के मंत्री मनमोहन सरकार की अपेक्षा में ज्यादा अनुशासित नजर आए हैं। हालांकि इस सरकार के कई मंत्रियों की जबान फिसली है लेकिन उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की फटकार का भी सामना करना पड़ा है।

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सेना को लेकर सख्त रवैया-
मोदी सरकार सेना के मामले में सख्त है। पाकिस्तान के सीजफायर का उल्लंघन करने और सैनिकों की हत्या करने पर मोदी सरकार ने भारतीय सेना को इससे निपटने के लिए कुछ भी करने की खुली छूट दे रखी है। हालांकि सैनिकों की हत्या जारी है लेकिन सरकार इस मुद्दे पर लगातार विचार कर रही है। 
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विदेश में बेहतर छवि-
प्रधानमंत्री नरेंद्र नोदी की विदेश यात्राओं की विपक्षी दल कितनी भी आलोचना करें, लेकिन इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता कि विदेश में बेहतर संबंध बनाने में मोदी का अहम योगदान रहा है। मोदी ने देश के विकास के लिए कई देशों के साथ समझौता किया। 
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देश के कद्दावर नेताओं से मिलनसार रिश्ते-
प्रधानमंत्री मोदी के देश के अंदर कद्दावर नेताओं से भी काफी अच्छे रिश्ते हैं। चाहें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हों या फिर जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती सईद, मोदी ने हर राज्य के कद्दावर नेताओं के साथ अच्छे रिश्ते कायम करने की कोशिश की।
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प्रधानमंत्री की सशक्त छवि-
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तुलना में मोदी की छवि प्रधानमंत्री के तौर पर काफी सशक्त है। जहां मनमोहन सिंह को सोनिया गांधी के हाथों की कठपुतली कहा जाता था वहीं मोदी अपने फैसले खुद मजबूती के साथ लेते दिखाई देते हैं। 

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टेक्नोफ्रेंडली-
मोदी की छवि टक्नोफ्रेंडली भी है। ंमोदी सरकार सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव दिखाई देती है, स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के अनुसार 2014 के लोकसभा चुनावों में ये उनकी जीत का अहम हिस्सा भी बना। जबकि यूपीए इस मामले में काफी पीछे रह गई।  

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पार्टी के अंदर की राजनीति पर पकड़-
ये बात जगजाहिर हैं कि सरकार के अंदर मोदी सबसे सशक्त नेता हैं। उनकी पार्टी के अंदर की राजनीति पर भी अच्छी पकड़ है। पार्टी के अंदर अनुशासन रखने में वह कामयाब रहे हैं जबकि मनमोहन सिंह की पार्टी के अंदर इतनी अच्छी पकड़ नहीं थी।
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पार्टी के मुख्य प्रचारक रूप में पीएम की साख-
पार्टी के स्टार प्रचारक के रूप में पीएम मोदी काफी सफल रहे हैं। लगभग हर चुनाव में उन्होंने स्टार प्रचारक के रूप में प्रचार किया है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि केवल मोदी की वजह से भाजपा लगातार चुनाव जीतती जा रही है। 
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