8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 के नोटों को बंद करने का फैसला लिया था। इसके बाद से कैश की कमी से परेशान लोग लगातार सवाल उठा रहे थे कि क्या प्रधानमंत्री राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाले चंदे पर भी कोई ठोस कदम उठाएंगे?
अब शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में साफ संकेत दे दिए कि आय के स्त्रोतों का खुलासा करने में उनकी पार्टी पीछे नहीं हटेगी। इस दौरान उन्होंने दूसरी पार्टियों से भी अपनी आय के स्त्रोतों की जानकारी सार्वजनिक करने की अपील की।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कहा, 'लोगों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि आखिर हमारी आय का स्रोत क्या है? कहां से हमें फंड मिलता है।'