पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, विधिमंत्री मलय घटक और राज्य सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट में हलफनामा देने के लए नया आवेदन दिया है।
नारद स्टिंग मामले में सीबीआई ने विशेष अदालत से केस हाईकोर्ट स्थानांतरित करने का आग्रह किया था। उस पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उन्होंने यह आवेदन दिया है।
दरअसल हाईकोर्ट ने 9 जून के अपने आदेश में प्रदेश सरकार का हलफनामा लेने से इनकार कर दिया था। इस पर ममता बनर्जी और मलय ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने 25 जून को हाईकोर्ट से कहा था कि वह सीबीआई की याचिका पर फैसला लेने से पहले उनकी अर्जियों पर पुनर्विचार करे।
बता दें नारदा स्टिंग टेप मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट से झटका लगने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने सीबीआई द्वारा 17 मई को तृणमूल कांग्रेस के चार नेताओं की गिरफ्तारी के दिन अपनी और प्रदेश के कानून मंत्री मलय घटक की भूमिका को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा हलफनामा दायर करने की इजाजत नहीं दिए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ मुख्यमंत्री, घटक और पश्चिम बंगाल द्वारा दायर अलग-अलग अपीलों पर मंगलवार को सुनवाई करेगी। इससे पहले शीर्ष अदालत ने कहा था कि वह घटक द्वारा दायर याचिका पर 22 जून को सुनवाई हुई थी।
न्यायालय ने 18 जून को उच्च न्यायालय से अनुरोध किया था कि वह शीर्ष अदालत द्वारा आदेश के खिलाफ राज्य सरकार और घटक की याचिका पर विचार करने के एक दिन बाद मामले की सुनवाई करे। नारद स्टिंग टेप मामले की सुनवाई विशेष सीबीआई अदालत से उच्च न्यायालय स्थानांतरित करने संबंधी सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय के पांच न्यायाधीशों की पीठ ने नौ जून को कहा था कि वह मामले में चार नेताओं की गिरफ्तारी के दिन बनर्जी और घटक की भूमिका को लेकर उनके द्वारा दायर हलफनामे पर विचार करने के बारे में बाद में फैसला करेगी।