नगालैंड सरकार ने रविवार को मोन जिले में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में मारे गए 13 लोगों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। .
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्य सरकार ने शनिवार शाम को हुई घटना की जांच के लिए एक आईजीपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का भी फैसला किया है।
नागालैंड के मुख्य सचिव जे आलम ने एक बयान में कहा कि राज्य सरकार ने मोन जिले के ओटिंग गांव इलाके में हुई घटना की निंदा की है, जिसमें 13 नागरिकों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि 13 मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी जबकि घायलों के इलाज का खर्च राज्य सरकार करेगी।
लगातार दो गोलीबारी की घटनाओं में सुरक्षा बलों द्वारा तेरह नागरिक मारे गए और 11 अन्य घायल हो गए, जिनमें से पहला संभवतः गलत पहचान का मामला था। आलम ने कहा कि वरिष्ठ मंत्री पी पाइवांग कोन्याक ने पुलिस महानिदेशक सहित अधिकारियों के एक दल का नेतृत्व किया और स्थिति पर नजर रखने के लिए ओटिंग गांव पहुंचे।
उन्होंने कहा कि आपातकालीन राहत कार्यों के लिए राज्य सरकार के दो हेलीकॉप्टरों को सेवा में लगाया गया और चार घायलों को आगे के चिकित्सा उपचार के लिए मोन से दीमापुर ले जाया गया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एस पंगु फोम ने भी रेफरल अस्पताल दीमापुर में घायलों से मुलाकात की।
आलम ने कहा कि उपमुख्यमंत्री वाई पैटन, जो नई दिल्ली में थे, वापस चले गए और गुवाहाटी से सीधे सोम चले गए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नेफिउ रियो सोमवार सुबह अपने कैबिनेट सहयोगियों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ स्थिति का जायजा लेने और मृतक को सम्मान देने के लिए सोम का दौरा करेंगे। रियो सोम में राज्य सरकार के पदाधिकारियों और नागरिक समाज संगठन के नेताओं के साथ बातचीत करेंगे।
मुख्य सचिव जे आलम ने कहा कि राज्य सरकार एक बार फिर लोगों को आश्वस्त करती है कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच नगा राजनीतिक मुद्दे पर केंद्र के साथ शांति वार्ता कर रहे एनएससीएन (आईएम) ने सुरक्षा बलों द्वारा नागरिकों की हत्या की निंदा की और कहा कि यह नगा लोगों के लिए एक काला दिन है।
इसमें कहा गया, निर्दोष लोगों की हत्या का ऐसा बर्बर कृत्य मानवता के खिलाफ है और इस तरह के जघन्य कृत्यों के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाना चाहिए।