आगामी लोकसभा चुनावों में मतदान की पुष्टि के तौर लगाई जाने वाली अमिट स्याही की 26.50 लाख शीशियां इस्तेमाल होंगी। देश में इस स्याही की एकमात्र उत्पादक मैसूर पेंट्स एंड वार्निश लि. (एमपीवीएल) के मुताबिक चुनाव आयोग के आदेश पर 20 मार्च तक सभी राज्यों को उनके हिस्से की स्याही पहुंचा दी जाएगी।
कर्नाटक सरकार की इस कंपनी के प्रबंध निदेशक के मोहम्मद इरफान ने बताया कि आयोग ने अमिट स्याही की 26.5 लाख से अधिक शीशियां उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। मतदान के बाद बाईं तर्जनी पर गहरा बैंगनी निशान छोड़ने वाली यह स्याही देश में चुनावों की पारदर्शिता व निष्पक्षता का रंग भी है। दिल्ली स्थित औद्योगिक अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला द्वारा विकसित इस स्याही का एमपीवीएल 1962 से उत्पादन कर रही है।
इरफान ने बताया कि आयोग की तरफ से 2.65 लाख लीटर स्याही का आदेश दिया गया है, जिसमें से 1.59 लाख लीटर 24 राज्यों को आपूर्ति की जा चुकी है। इरफान ने बताया कि अब तक शीशियां कांच की होती थीं, लेकिन इस बार प्लास्टिक की शीशियों में स्याही भरी जा रही है।
700 लोगों की अंगुली पर एक शीशी से निशान
10 मिलीलीटर की एक शीशी का इस्तेमाल 700 लोगों की अंगुली पर निशान लगाने के लिए किया जा सकता है। आमतौर पर एक मतदान केंद्र पर 1,200 मतदाता होते हैं। देश में इस बार 12 लाख मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।
2019 की तुलना में बढ़े 7 करोड़ मतदाता
चुनाव आयोग के मुताबिक देश में 97 करोड़ मतदाता हो गए हैं। 2019 के लोकसभा चुनावों में मतदाताओं की संख्या करीब 90 करोड़ थी। 2019 में आयोग ने 26 लाख शीशियों का ऑर्डर दिया था।
25 से ज्यादा देशों को निर्यात...
भारत के अलावा एमपीवीएल की स्याही कनाडा, घाना, नाइजीरिया, मंगोलिया, मलेशिया, नेपाल, दक्षिण अफ्रीका और मालदीव सहित 25 से अधिक देशों को निर्यात की जाती है।
रेलवे चुनाव के लिए सुरक्षाकर्मियों की आवाजाही के सुलभ इंतजाम करे : ईसी
निर्वाचन आयोग ने रेलवे बोर्ड को आगामी लोकसभा चुनावों में केंद्रीय सुरक्षा बलों (सीएपीएफ) की तैनाती के िलए उनकी आवाजाही को सुगम बनाने के इंतजाम करने को कहा है। चुनावों के लिए सीएपीएफ के 3.4 लाख कार्मिकों की देशभर में तैनाती की जानी है। आयोग ने पिछले सप्ताह सुरक्षाकर्मियों की ट्रेन से सुचारू और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि रेलवे 24 घंटे संचालित होने वाला एक नियंत्रण कक्ष स्थापित करे, जहां से अगले कुछ महीनों में सीएपीएफ के कर्मियों की देशभर में आवाजाही की निगरानी की जा सके। इसके अलावा कोच में पंखे और एयर कंडिशनिंग के साथ ही भोजन और मार्ग पर पड़ने वाले स्टेशनों पर चिकित्सा समेत अन्य आवश्यक सुविधाओं का इंतजाम किया जाए। आयोग ने कहा कि चुनाव के उद्देश्य से सीएपीएफ और विभिन्न राज्यों से बुलाए गए पुलिस बलों की बड़े पैमाने पर तैनाती आवश्यक होगी।