कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन के मुख्यमंत्री की घोषणा की जाएगी। हालांकि, सहयोगी दलों ने सीटों के बंटवारे पर बातचीत शुरू कर दी है। इससे पहले भाजपा नेताओं ने इस हफ्ते की शुरुआत में दावा किया था कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने यह सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली का दौरा किया और कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की कि वह एमवीए के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।
शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा (शरद चंद्र पवार) विपक्षी गठबंधन के मुख्य घटक हैं, जो भाजपा, शिवसेना और राकांपा के सत्तारूढ़ 'महायुति' गठबंधन के खिलाफ लड़ रहे हैं। महाराष्ट्र के कांग्रेस प्रभारी रमेश चेन्निथला ने कहा कि एमवीए आगामी राज्य चुनाव एकजुट होकर लड़ेगी। मध्य महाराष्ट्र के लातूर, बीड और धाराशिव जिलों के पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक बाद पत्रकारों से उन्होंने कहा, सीट बंटवारे पर शुरुआती बात शुरु हो गई है और हम मिलकर चुनाव लड़ेंगे। पटोले ने कहा, महाविकास अघाड़ी की 288 सीट में शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा (शरद चंद्र पवार) 185 से ज्यादा सीटें जीतेंगे।
मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा, इस सवाल पर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने नाना पटोले ने कहा कि महाराष्ट्र के स्वाभिमान को बचाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, नतीजों के बाद (नए) विधायकों से सलाह मशविरा करने के बाद मुख्यमंत्री की घोषणा की जाएगी। पटोले ने कहा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में 'लड़की बहिन' योजना की घोषणा की थी जिसके तहत पात्र महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह मिलते हैं।
पटोले ने कहा, (उप मुख्यमंत्री) अजित पवार कहते हैं कि एमवीए योजना को रद्द कर देगी, इसलिए लोगों को महायुति को वोट देना चाहिए। इससे पता चलता है कि यह योजना वोट के लिए है। सरकार लड़की बहिन की बात करती है। लेकिन पुलिस भर्ती के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों से मुंबई पहुंची महिलाओं को कोई सुविधा प्रधान नहीं करती है। वे बारिश के मौसम में रेलवे प्लेटफॉर्म और बस स्टॉप पर सो रहे हैं।
'ओबीसी और मराठा समुदाय के बी दरार पैदा कर रहा महायुति गठबंधन'
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन पर आरक्षण के मुद्दे पर ओबीसी और मराठा समुदाय के बीच दरार पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महायुति सरकार पर 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज चल रहा है। उन्होंने कहा, वे महाराष्ट्र के विकास की शेखी बघारते हैं। समृद्धि एक्सप्रेस-वे पर सड़कों पर दरारें पड़ने से हुए हादसों में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं।