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Maharashtra: शिंदे सरकार-राज्यपाल के खिलाफ MVA का हल्लाबोल, प्रदर्शन में शामिल हुए उद्धव ठाकरे-अजित पवार

Sat, 17 Dec 2022 01:25 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

पिछले महीने राज्यपाल कोश्यारी ने एक सार्वजनिक समारोह में मराठा साम्राज्य के संस्थापक शिवाजी महाराज को पुराने समय का आदर्श करार देकर विवाद खड़ा कर दिया था।
 
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MVA का विरोध मार्च - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के खिलाफ महाविकास अघाड़ी ने हल्लाबोल दिया है। छत्रपति शिवाजी महाराज पर राज्यपाल कोश्यारी के विवादित बयान के खिलाफ एमवीए के बड़े नेताओं व कार्यकर्ताओं ने शनिवार को विरोध मार्च निकाला। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (उद्धव-बालासाहेब) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और राकांपा नेता अजित पवार ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। दरअसल, पिछले महीने राज्यपाल कोश्यारी ने एक सार्वजनिक समारोह में मराठा साम्राज्य के संस्थापक शिवाजी महाराज को पुराने समय का आदर्श करार देकर विवाद खड़ा कर दिया था।

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महाराष्ट्र में विपक्षी दलों शिवसेना (उद्धव गुट), कांग्रेस और राकांपा की ओर से विरेाध मार्च का एलान किया गया था। एमवीए के नेताओं का कहना है कि शिवाजी महाराज और महात्मा ज्योतिबा फुले जैसी शख्सियतों के अपमान, कर्नाटक की सीमा से लगे क्षेत्रों में मराठी भाषियों के साथ अत्याचार’ और औद्योगिक परियोजनाओं के राज्य से बाहर होने के खिलाफ मुंबई में प्रदर्शन किया जा रहा है। बता दें, मार्च दक्षिण मुंबई में जे जे अस्पताल और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के बीच निकाला जाएगा।

चाव्हाण नहीं होंगे शामिल 
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने आज के विरोध मार्च में शामिल नहीं होंगे। हालांकि, उनकी पत्नी अमिता चाव्हाण इस प्रदर्शन में शामिल होंगी। अशोक चाव्हाण ने कहा कि एक कार्यक्रम के कारण वह इस विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पाएंगे। हालांकि, उन्होंने इसके प्रति अपना समर्थन जताया। 
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राज्यपाल को हटाने की मांग की
महाविकास अघाड़ी के घटक दलों ने शक्ति प्रदर्शन के तहत राज्य की एकनाथ शिंदे-भाजपा सरकार के खिलाफ मुंबई में हल्ला बोल विरोध मार्च निकाला और छत्रपति शिवाजी महाराज समेत प्रतिष्ठित हस्थियों पर कथित अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को हटाने की मांग की। 
 
राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा कि अगर राज्यपाल को नहीं हटाया गया तो सबक सिखाया जाएगा। वहीं उद्धव ठाकरे ने चेतावनी दी कि राज्य के स्वाभिमान और गौरव से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। राकांपा नेता अजीत पवार ने राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा की रक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक सख्त कानून बनाने की मांग की। विरोध मार्च भायखला में जे जे अस्पताल के पास से शुरू हुआ और लगभग 4 किमी की दूरी पर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) पर समाप्त हुआ, जहां एमवीए नेताओं ने एक रैली को संबोधित किया।

उपमुख्यमंत्री ने कसा तंज
वहीं, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने इस विरोध प्रदर्शन पर तंज कसते हुए कहा कि इसे राजनीतिक पूंजी हासिल करने के लिए एक नैनो मोर्चा बताया। फडणवीस ने कहा कि वह बार-बार कहते रहे हैं कि किसी को भी राष्ट्रीय आदर्श के खिलाफ नहीं बोलना चाहिए और जो लोग ऐसा करते हैं, वे गलत हैं। उन्होंने कहा, अपना रुख स्पष्ट करने के बावजूद राजनीतिक पूंजी हासिल करने के लिए इस तरह के विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा, जब आपके पास मुद्दे खत्म हो जाते हैं, तो ऐसे विरोध प्रदर्शन आयोजित किये जाते हैं। उन्होंने कहा, छत्रपति शिवाजी और बी. आर. अंबेडकर हमारे आदर्श हैं। 

सुषमा अंधारे की 'आपत्तिजनक' टिप्पणी के खिलाफ बंद
उद्धव गुट की शिवसेना की नेता सुषमा अंधारे द्वारा संतों और हिंदू देवी-देवाओं पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में वारकरी समुदाय के द्वारा बंद बुलाया गया। वारकरी समुदाय के आह्वान पर ठाणे शहर और पड़ोसी कल्याण, महाराष्ट्र में डोंबिवली टाउनशिप में व्यापारिक प्रतिष्ठान शनिवार को बंद रहे। वारकरी भगवान विठ्ठल के भक्त हैं।

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