राज्य मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को ब्रिटिश काल के इस अधिनियम को निरस्त करने के लिए असम निरसन अध्यादेश 2024 को मंजूरी दी है। सरमा ने नगांव में मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी सरकार लोकसभा चुनाव के बाद राज्य में बाल विवाद के खिलाफ एक और अभियान शुरू करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, मुस्लिम माताओं के खिलाफ इतने लंबे समय से जो अत्याचार और शोषण चल रहा है, इस विधेयक के जरिए उसे खत्म किया जाएगा। प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) ने तीन तलाक को खत्म किया। लेकिन असम में इस अधिनियम के मुताबिक अगर कोई काजी 18 वर्ष से कम आयु की लड़की की शादी का पंजीकरण कराता और उसे अदालत से जमानत मिल जाती तो इसमें उसकी कोई गलती नहीं होती। अब इस कानून के हटने के बाद तलाक देना आसान नहीं होगा और 18 साल से कम उम्र की लड़की की शादी का पंजीकरण नहीं होगा।
बाल विवाह के बारे में बात करते हुए सरमा ने कहा कि कई लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने बाल विवाह किया। उनमें से कुछ को 10 से 15 साल की कैद मिली। उन्होंने कहा, लोकसभा चुनाव के बाद असम में बाल विवाह के खिलाफ एक और अभियान चलाया जाएगा। मैं 2026 से पहले इस मुद्दे को पूरी तरह से खत्म कर दूंगा।
उधर, कांग्रेस पार्टी के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुवाहाटी के राजीव भवन में ही कुछ लोग (विधायक) रहेंगे। उन्होंने कहा, इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि कौन पार्टी (कांग्रेस) छोड़ेगा। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि असम कांग्रेस प्रमुख कांग्रेस पार्टी में होंगे। रकीबुल हुसैन, रिकीबुद्दीन अहमद, जाकिर हुसैन सिकंदर, नरुल हुदा और राशि जैसे कुछ कांग्रेस विधायक भाजपा में नहीं आएंगे। हालांकि, अन्य की कोई गारंटी नहीं है। हम आगामी लोकसभा चुनाव में असम की 14 में से 11 सीट जीतेंगे। हम इन सीट पर आराम से जीतेंगे।
मौसम विभाग के महानिदेशक को सम्मान, सिक्किम में मिली थी बड़ी मदद
पिछले साल सिक्किम में झील के फटने से आई बाढ़ के बाद मौसम विभाग ने कई सटीक जानकारियां साझा की थी। जिसके चलते भारी तबाही से न सिर्फ सिक्किम के आसपास के हिस्से को बचाया गया था बल्कि वक्त रहते बड़ी मदद भी मिल गई थी। मौसम विभाग के इस सटीक आकलन और उसके बाद हुए बचाव कार्य को सिक्किम सरकार ने सराहा है। सिक्किम सरकार ने मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र को सम्मानित किया है।
सिक्किम सरकार के मुख्य सचिव ने महापात्रा को प्रशस्ति पत्र देकर यह सम्मान किया। विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा कहते हैं कि उनके विभाग की ओर से समय-समय पर देश के सभी हिस्सों में अलर्ट जारी किए जाते रहते हैं ताकि किसी भी बड़ी प्राकृतिक आपदा से लोगों के जीवन को बचाया जा सके। उनका कहना है की एडवांस तकनीकी और बेहतर प्रणालियों के चलते मौसम विभाग के वैज्ञानिक मौसम के किसी भी परिवर्तन को वक्त रहते पता करते हैं।