वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए स्वास्थ्य उपकरणों और दवाओं की कमी की समस्या को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जर्मनी की चांसलर एंजला मर्केल के साथ विचार साझा किए। दोनों नेताओं ने इस संकट में आपसी सहयोग को लेकर भी प्रतिबद्धता जाहिर की। साथ ही पीएम मोदी ने स्वस्थ्य रहने के लिए योग और आयुर्वेद के फायदों पर भी चर्चा की।
पीएमओ के मुताबिक पीएम मोदी और मर्केल के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने अपने-अपने देश में इस समस्या से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर बात की। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'उन्होंने दवाओं और मेडिकल उपकरणों की उपलब्धता को लेकर चर्चा की। साथ ही दोनों नेता आपसी सहयोग के लिए नए रास्ते तलाशने पर सहमत हुए।'
जर्मनी की चांसलर इस बात पर पीएम मोदी के साथ सहमत दिखी कि आधुनिक इतिहास में COVID-19 एक बेहद ही अहम मोड़ साबित हुआ है। इससे हमें आपसी भाईचारे और वैश्विकरण के नए आयाम तलाशने का मौका मिला है। पीएम मोदी ने एंजला मर्केल को योग और इम्युनिटी बढ़ाने के आसान तरीकों को लेकर भारत की पहल के बारे में बताया। वह भी इस बात से सहमत दिखीं कि शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना काफी फायदेमंद हो सकता है। भारत की तरह जर्मनी में भी 19 अप्रैल तक लॉकडाउन है। लगातार खराब होते हालात के बीच वहां दो लोगों के एक साथ होने पर भी जुर्माना है।
प्रिंस चार्ल्स से भी चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स से टेलीफोन पर बात की और कोरोना वायरस संकट पर चर्चा की। ब्रिटेन के प्रिंस ने महामारी से लड़ने में भारतीय प्रवासी नागरिकों की सराहना की।
विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि प्रधानमंत्री ने पिछले कुछ दिनों में ब्रिटेन में लोगों के मरने पर दुख जताया। प्रधानमंत्री मोदी ने संतोष जताया कि प्रिंस ऑफ वेल्स हाल में इस बीमारी से उबरे। मोदी ने उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।