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मुन्ना बजरंगी की हत्या की सीबीआई जांच की मांग हाईकोर्ट ने ठुकराई

Wed, 11 Jul 2018 01:02 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इलाहाबाद
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मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद उनकी पत्नी लगातार मौत के पीछे साजिश बता रही हैं। इसके लिए उन्होंने सीबीआई से भी जांच की मांग की थी। लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी इस मांग को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने तकनीकी आधार पर इस मांग को खारिज किया है। 
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बता दें कि बागपत की जेल में अंडरवर्ल्ड डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की सोमवार सुबह हत्या कर दी गई। उसकी हत्या का आरोप कुख्यात बदमाश सुनील राठी पर लगा है। कहा जा रहा है कि सुनील राठी ने ही सुपाही लेकर मुन्ना बजरंगी की हत्या की है। बताया जा रहा है कि सुनील राठी का भाई पूर्वांचल जेल में बंद है। जहां उसके साथ हाल ही में मारपीट की गई थी। यही नहीं इस घटना के बाद मुन्ना ने सुनील राठी से पूछा था कि क्या तुमने मेरे नाम की सुपारी ले रखी है।

जानकारी के मुताबिक, सुनील राठी का उतराखंड में बड़ा कारोबार है। जिसके चलते कुछ दिनों से मुन्ना बजरंगी ने भी वहां अपना कारोबार फैलाने की कोशिश की थी। लेकिन सुनील राठी उसके इस कदम से काफी नाराज था और दोनों के बीच विवाद की एक लंबी दीवार बनती जा रही थी। यह भी हत्या की एक बड़ी वजह हो सकती है। 
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फिलहाल मुन्ना बजरंगी की हत्या की वजह तलाशने में पुलिस के पसीने छूट रहे हैं। तिहाड़ जेल से लेकर उत्तराखंड में प्रापर्टी के धंधे के अलावा किसी बड़ी साजिश का अंदेशा है। जेल में राठी का साथ देने और जेल के बाहर राठी के पीछे के चेहरे जांच के रडार पर है, लेकिन अभी नतीजा ढाक के तीन पात है। 

फिलहाल दो बड़े सवाल हैं। पहला मुन्ना बजरंगी की हत्या क्यों की गई और दूसरा जेल में पिस्टल कैसे पहुंचा। पुलिस के पास फिलहाल दोनों ही सवालों के जवाब नहीं है। तिहाड़ जेल में रहने के दौरान सुनील राठी और मुन्ना बजरंगी का याराना भी हुआ। पूरब और पश्चिम के दोनों डॉन की कभी अदावत नहीं रही। इससे लगता है कि सुपारी लेकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। 

खुद पुलिस के सामने राठी यही बात दोहरा रहा है कि बैरक के बाहर दोनों के बीच सुपारी लेने को लेकर कहासुनी हुई। अब तक सुपारी ही सबसे बड़ी वजह बनकर उभर रही है, लेकिन सुपारी दी किसने, क्यों दी और कैसे साजिश हुई, इन सवालों के जवाब पुलिस के पास नहीं है। पुलिस उत्तराखंड में प्रापर्टी के धंधे के विवाद को भी वजह मानकर जांच चल रही है। पुलिस यह मानकर भी चल रही है कि वारदात में राठी अकेला शामिल नहीं था। उसके गैंग के किसी गुर्गे ने जरूर साथ दिया है। क्योंकि बजरंगी विक्की सुन्हैडा के साथ बैरक में रुका था, इसलिए वह भी जांच के घेरे में आ गया है। 
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