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महाराष्ट्रः फिर सतह पर आया मुंडे परिवार का झगड़ा

Mon, 01 Mar 2021 11:15 PM IST
गौरव पाण्डेय सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई

सार

  • पंकजा ने अपने चचेरे भाई धनंजय मुंडे से मांगा इस्तीफा
  • सामने आई मुंडे परिवार के भीतर की राजनीतिक दरार
  • एनसीपी में शामिल हुए थे धनंजय, तब से खट्टे हैं संबंध
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पंकजा मुंडे और धनंजय मुंडे - फोटो : ट्विटर-फेसबुक
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महाराष्ट्र की राजनीति में महत्वपूर्ण धुरी रहे दिवंगत भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे के परिवार का झगड़ा एक बार फिर सतह पर आ गया है। सोमवार को स्व. मुंडे की बेटी और राज्य की पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे ने वन मंत्री संजय राठौड़ की तर्ज पर अपने चचेरे भाई एनसीपी नेता और मंत्री धनंजय मुंडे के इस्तीफे की मांग की। इससे मुंडे परिवार के भीतर की राजनीतिक दरार फिर सामने आ गई है।

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पंकजा मुंडे ने कहा कि टिकटॉक गर्ल पूजा चव्हाण की मौत के मामले में शिवसेना नेता व वन मंत्री संजय राठौड़ ने इस्तीफा दिया है। इसी तरह धनंजय मुंडे को भी मंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने रेणु शर्मा और करुणा शर्मा मामले में धनंजय के इस्तीफे की मांग की। पंकजा ने कहा कि संजय राठौड़ से भाजपा के दबाव में देरी से इस्तीफा लिया गया। लेकिन धनंजय मुंडे से इस्तीफा कब लिया जाएगा?

उन्होंने उद्धव ठाकरे सरकार से सवाल किया कि राज्य के नेता भावी पीढ़ी के लिए कैसा उदाहरण पेश करना चाहते हैं। दरअसल, रेणु शर्मा ने धनंजय मुंडे पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। हालांकि बाद में शिकायत वापस ले ली थी। वहीं, रेणु की बड़ी बहन करुणा से धनंजय ने खुद अपने संबंधों का खुलासा किया है। मुंडे ने कहा है कि करुणा से मेरे दो बच्चे हैं और मैंने पिता के रूप में अपना नाम भी दिया है। 
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इसके बाद करुणा शर्मा ने आरोप लगाया कि धनंजय मुंडे ने दोनों बच्चों को आधिकारिक बंगले चित्रकूट बंगले में कैद कर लिया था। उन्हें बच्चों से भी नहीं मिलने दिया जा रहा है। इसी मामले में भाजपा का एक गुट धनंजय मुंडे से इस्तीफा चाहता है। एनसीपी मुखिया शरद पवार ने पहले इस मामले को गंभीर बताया था लेकिन दूसरे दिन ही उन्होंने यू टर्न ले लिया था जिससे धनंजय मुंडे का मंत्री पद बरकरार है।

पंकजा और धनंजय के बीच जारी है वर्चस्व की जंग
धनंजय मुंडे अपने चाचा गोपीनाथ मुंडे के जीवित रहते ही एनसीपी में शामिल हो गए थे। इसके बाद से ही मुंडे परिवार के बीच राजनीतिक लड़ाई शुरू हो गई थी। लेकिन गोपीनाथ मुंडे के निधन के बाद भी पंकजा और धनंजय के बीच राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई जारी है। भाजपा की पंकजा मुंडे ने मराठवाड़ा के बीड जिले की परली विधानसभा सीट से साल 2009 और 2014 का चुनाव जीता था और फडणवीस सरकार में मंत्री बनी थीं। लेकिन साल 2019 के चुनाव में धनंजय मुंडे ने पंकजा को हरा दिया था। चुनाव के बाद राज्य में महा विकास आघाड़ी सरकार के अस्तित्व में आने के बाद धनंजय मुंडे कैबिनेट मंत्री बन गए। 

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