मुंबई उत्तर पश्चिम सीट से एक उम्मीदवार ने लोकसभा महासचिव से शिवसेना के रवींद्र वायकर को शपथ नहीं दिलाने की अपील की है। बता दें, वायकर ने अपने प्रतिद्वंद्वी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 48 वोटों से हराकर जीत दर्ज की है।
भरत शाह ने लिखा पत्र
हिंदू समाज पार्टी के नेता भरत शाह ने लोकसभा महासचिव को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि चार जून को मतगणना के दौरान कई गड़बड़ियां हुई हैं। 19 जून को लिखे पत्र में दावा किया गया है कि मुंबई उत्तर पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र में जनप्रतिनिधित्व कानून-1950 के तहत मतदान और मतगणना स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से नहीं की गई थी। साथ ही आदर्श आचार संहिता का भी उल्लंघन किया गया है।
शाह ने कहा, 'यह उचित होगा कि रवींद्र वायकर को संसद के सदस्य के रूप में अनुच्छेद 99 के तहत निष्ठा की शपथ लेने की अनुमति नहीं दी जाए, जिससे भारत में मतदाताओं का विश्वास बना रहे। साथ ही उदाहरण पेश किया जाए कि कुछ मूल्यांकन प्रणाली कार्यरत हैं जो चुनावी धोखाधड़ी का गंभीरता से और शीघ्र संज्ञान लेती हैं।'
गड़बड़ी का आरोप
गौरतलब है कि शाह को इस सीट पर कुल 9,54,939 वोटों में से 937 वोट ही मिले। वायकर ने शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार अमोल कीर्तिकर को 48 मतों के बहुत कम अंतर से हराया था। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने मतगणना के दौरान गड़बड़ी का आरोप लगाया है और निर्वाचन अधिकारी पर निशाना साधा।
अवैध गतिविधियों का सहारा लेकर जीते
महाराष्ट्र के रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग सीट से लोकसभा चुनाव हारने वाले यूबीटी शिवसेना नेता विनायक राउत ने भी बुधवार को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर निर्वाचन क्षेत्र में पुनर्मतदान की मांग की। आरोप लगाया कि भाजपा के उम्मीदवार नारायण राणे भ्रष्ट और अवैध गतिविधियों का सहारा लेकर जीते हैं।
लोकसभा महासचिव और चुनाव आयोग को लिखे दोनों पत्र शिवसेना यूबीटी के वकील असीम सरोदे ने भेजे हैं, जो शिवसेना के बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करने वाली याचिकाओं में पार्टी की मदद कर रहे हैं। 18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून से तीन जुलाई तक चलेगा। यह लोकसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों की शपथ/प्रतिज्ञान, अध्यक्ष के चुनाव, भारत के राष्ट्रपति के अभिभाषण का गवाह बनेगा।
राजनीतिक भूचाल पैदा हुआ
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए रविवार को ईवीएम से छेड़छाड़ के दावों को लेकर राजनीतिक भूचाल पैदा कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वायकर के एक रिश्तेदार को मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पाया गया था।